सैंपल की डीएनए जांच के माध्यम से जीन में फैले कैंसर की वजह सहित अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास किया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कैंसर की बीमारी पर जल्द शोध शुरू किया जाएगा। इसमें सैंपल की डीएनए जांच के माध्यम से जीन में फैले कैंसर की वजह सहित अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि समय रहते बीमारी को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज अस्पताल में ही मिलने से मरीजों को काफी राहत मिली। पेट सीटी और रेडिएशन थेरेपी की सुविधा भी अस्पताल को जल्द मिलने जा रही है। इसके साथ ही अस्पताल ने कैंसर के इलाज को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया है। अस्पताल में जल्द कैंसर पर शोध शुरू किया जाएगा।
कैंसर विशेषज्ञों ने बताया कि शोध दो प्रकार का होता है। लैब में बायोप्सी के माध्यम से सैंपल लेकर जांच की जाती है और दूसरा कैंसर की दवाओं पर। अस्पताल में इन दोनों पर ही शोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बायोप्सी एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें शरीर से सेल्स या कोशिका का सैंपल लेकर उसकी जांच लैब में की जाती है। बायोप्सी की मदद से कई बीमारियों और उनके कारणों का पता लगाया जाता है। इसी स्टेज को अब आगे बढ़ाया जाएगा। बायोप्सी करके ये देखा जाएगा कि मरीज के डीएनए के अंदर जो जीन होते हैं, जेनेटिक लेवल में यह देखा जाएगा कि क्या कैंसर होने के क्या कारण है, क्या उसकी वजह से कैंसर हो रहा है। यदि उसके कारण हो रहा है तो उसके लिए क्या थेरेपी कारगर हो सकती है। दूसरा क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा, जो दवाइयों पर किया जाएगा क्योंकि अभी विदेश में हुए ट्रायल से बनी दवाइयां मरीजों को दी जा रही हैं। ये काफी महंगी भी होती हैं। हम शोध के माध्यम से विदेश से बेहतर और ज्यादा कारगर साबित हों। शोध के परिणाम के बाद इलाज में प्रयोग होने वाली दवाइयां भी सस्ती बनाई जा सकेंगी।
क्या कहते हैं आंकड़े
वर्ष 2019 में कैंसर के मरीज
ओरल कैंसरः 36
फेफड़ों का कैंसरः 1164
सर्वाइकल कैंसरः 455
स्तन कैंसरः 521
अन्य कैंसरः 3,233
वर्ष 2020 में कैंसर के मरीज
ओरल कैंसरः 19
फेफड़ों का कैंसरः 1124
सर्वाइकल कैंसरः 333
स्तन कैंसरः 457
अन्य कैंसरः 2225
2021 में कैंसर के मामले
ओरल कैंसरः 527
फेफड़े का कैंसरः 1177
सर्वाइकल कैंसरः 729
स्तन कैंसरः 1350
अन्य कैंसर 1872