दो आरोपियों को तलाशने में पुलिस का छूट रहा पसीना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड रोड पर आयोजित शादी समारोह में काम करने आए कैटरिंग लेबर की पीट-पीटकर हत्या मामले में क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पांच दिन की रिमांड पर लिया था। पूछताछ में सामने आया है कि सभी आरोपी केवल नशे की पूर्ति के लिए ही काम करते थे। कोई भी आरोपी एक दूसरे के बारे में नाम से ज्यादा कुछ नहीं जानता। घटना में दो अन्य आरोपी भी शामिल थे, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस अभी तक आरोपियों का नाम ही पता कर पाई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस दिल्ली व सीमावर्ती क्षेत्रों के रैन बसेरों और नशा मुक्ति केंद्रों में दबिश दे रही है। 26/27 फरवरी की रात आरोपियों ने हरमीटेज सूरजकुंड में घटना को अंजाम दिया था। आरोपियों को शक था कि मृतक ने एक लेबर का मोबाइल और 6000 रुपये चुरा लिए हैं। इस बात को लेकर आरोपियों ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी और शव अरावली में ठिकाने लगा दिया था। ठेकेदार सुशील कुमार की शिकायत पर थाना सूरजकुंड पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया गया था। क्राइम ब्रांच डीएलएफ प्रभारी राकेश कुमार व थाना सूरजकुंड टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला स्थित गांव जौनपुर (फिलहाल दिल्ली चांदनी चौक) निवासी बिजेन्द्र, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के गांव अली नगर ( फिलहाल दिल्ली के नन्दनगरी ) निवासी विनोद उर्फ चिंकी, हरियाणा के झज्जर जिले के गांव छुछकवास (फिलहाल दिल्ली के रेन बसेरा) निवासी दीपक और उत्तर प्रदेश के उधमसिंह नगर के गांव काशीपुर फिलहाल रेन बसेरा कंपनी बाग दिल्ली) निवासी सौरव उर्फ सन्नी के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके एक साथी के 6 हजार रुपये व फोन नहीं मिल रहा था। उन्हें शक था कि मृतक ने चोरी की है। इसी झगड़े में आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
शव की पहचान बनी जी का जंजाल
क्राइम ब्रांच डीएलएफ केस की जांच कर रही है। पुलिस ने तत्परता से काम करते हुए चार आरोपियों को धर दबोचा लेकिन शव की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मृतक भी आरोपियों की तरह केवल नशे के लिए काम करने आया था। वारदात स्थल पर आरोपी खाने की झूठी प्लेटों को एकत्रित करने के बाद हलवाई के बर्तन व अन्य सामान के पास बैठे थे। पैसे और मोबाइल ना मिलने पर युवकों ने मृतक को पीटना शुरू कर दिया। सभी ने हलवाई के औजारों में से पलटा, बड़े ढक्कन, छलनी, पूरी उतारने के झारने आदि से पीटकर उसकी जान ले ली। क्राइम ब्रांच डीएलएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया रिमांड के दौरान आरोपी अपने अन्य दो साथियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पाए। उन्हें केवल नशे से मतलब है। मृतक की उम्र करीब 28 साल है। उसकी पहचान के लिए दिल्ली के रैन बसेरों व लेबर चौक के आसपास पूछताछ की जा रही है।