अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने डबुआ कॉलोनी के आशियाना ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स के मामले को मंगलवार को सुना। सुप्रीम कोर्ट ने फ्लैट्स में सीवर और पानी समेत अन्य सुविधाओं की जांच आईआईटी दिल्ली के सिविल इंजीनियरिंग शाखा से कराने को कहा। कोर्ट ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी आईआईटी के प्रोफेसरों से मिलकर जल्द इस कार्य को कराए और सात नवंबर से पहले रिपोर्ट दें।
टीम को फ्लैट में सीवर, पानी, बिजली समेत मूलभूत सुविधाओं के बारे में रिपोर्ट देनी है। इस मामले में सुनवाई सात नवंबर को होगी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में खोरी विस्थापितों को दिए जा रहे ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स मामले की सुनवाई लगातार चल रही है। इसमें नगर निगम ने कार्यकारी अभियंता नितिन कादियान व वकील सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में शामिल हुए। इस दौरान नितिन कादियान ने बताया कि इस मामले में कोर्ट सात नवंबर को सुनवाई करेगा। इस दौरान निगम का प्रयास होगा कि आईआईटी दिल्ली की टीम रिपोर्ट तैयार कर लें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने अरावली वन क्षेत्र स्थित खोरी गांव में हजारों मकानों को दो साल पहले तोड़ दिया था। इससे हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। वहीं, खोरी गांव के विस्थापितों को डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जा रहे हैं। फ्लैटों को ठीक कराया जा रहा है। फ्लैट्स के मरम्मत कराने के साथ सीवर और पानी समेत बिजली व्यवस्था को बेहतर कर दिया गया है। डबुआ कॉलोनी में करीब 1744 के ईब्डल्यूएस फ्लैट्स हैं।