संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के मॉडल संस्कृति सहित विभिन्न स्कूलों में 239 बाल वाटिकाओं में संसाधनों का अभाव है और इसका लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। बाल वाटिका में साढ़े चार घंटे तक पढ़ाई के दौरान छात्रों को दो बार जलपान व मध्याह्न भोजन मुहैया कराना, पढ़ाई के लिए एक शिक्षक और सहायक को तैनात करना है। कुछ स्कूलों को छोड़ किसी में भी यह सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई हैं। वहीं, उन्हें खेल-खेल में पढ़ाने के लिए कई मॉडल भी मुहैया कराने हैं।
सेक्टर-55 मॉडल संस्कृति स्कूल में अप्रैल में बाल वाटिका शुरू की गई थी। इनमें 25 बच्चों का दाखिला किया गया है, लेकिन यहां उन्हें पढ़ाने के लिए किसी प्रकार की सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गई हैं। यह हालात सिर्फ सेक्टर 55 स्कूल का ही नहीं, जिले के लगभग सभी बाल वाटिकाओं का है। ऐसे में बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने में दिक्कत आ रही है।
पांच वर्ष तक बच्चों का ले रहे दाखिला
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पांच वर्ष तक के बच्चों को बाल वाटिका में दाखिला दिया जा रहा है। प्रत्येक बाल वाटिका में 25 छात्र हैं। छात्र शिक्षक का अनुपात 25:1 निर्धारित किया गया है, लेकिन कुछ को छोड़ किसी भी शिक्षक और सहायक को तैनात नहीं किया गया है।
यह सुविधा करानी है मुहैया
शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत इन विद्यार्थियों को पुस्तकें, भोजन, वर्दी आदि नि:शुल्क उपलब्ध कराने हैं। छात्रों के लिए एनसीईआरटी ने जादुई पिटारा शीर्षक से शिक्षण सामग्री तैयार की है ताकि खेल गतिविधियों के माध्यम से इनका शिक्षण कराया जा सके। इनको पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
वर्जन
बाल वाटिका में जो भी सुविधाएं होनी चाहिए, उसे नियमानुसार मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में मुख्यालय से संपर्क किया जा रहा है।
- अशोक बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी