अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हड़ताली आशा वर्करों ने शनिवार को कैबिनेट मंत्री पंडित मूलचंद शर्मा के सेक्टर आठ कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन किया और मांगों का ज्ञापन सौंपा। कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा ने आशा वर्करों को आश्वासन दिया कि कैबिनेट की मीटिंग में मुख्यमंत्री के सामने आशा वर्करों की मांगों को उठाया जाएगा और उचित कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
आशा वर्कर यूनियन हरियाणा के बैनर तले हड़ताली आशा वर्कर वाईएमसीए यूनिवर्सिटी चौक पर शनिवार को एकत्रित हुई और उमस भरी गर्मी सरकार- स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंत्री के आफिस पर पहुंची। जुलूस में आशा वर्कर का गुस्सा देखते ही बन रहा था। प्रदर्शन की अध्यक्षता आशा वर्कर यूनियन की जिला उप प्रधान अनीता भारद्वाज ने और मंच संचालन सह सचिव शाहीन परवीन ने किया। आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान हेमलता ने कहा कि सरकार व विभाग की वादाखिलाफी और मांगों की अनदेखी के खिलाफ राज्य की बीस हजार आशा वर्कर 8 अगस्त से हड़ताल पर हैं,लेकिन सरकार इसका कोई संज्ञान नहीं ले रही हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक मांगों का समाधान नहीं होगा राज्य में हड़ताल जारी रहेगी। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि 17 साल सेवा देने के बावजूद आज आशा न तो कर्मचारी हैं और न ही मजदूर हैं।
सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर व महासचिव वीरेंद्र डंगवाल ने हड़ताल व मांगों का पुरजोर समर्थन किया और सरकार से बातचीत द्वारा मांगों को स्वीकार कर हड़ताल समाप्त करवाने की मांग की। प्रदर्शन में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर, महासचिव वीरेंद्र डंगवाल और रवि गुलिया के अलावा आशा वर्कर यूनियन की पदाधिकारी सुशीला चौधरी, रेखा शर्मा, पूजा गुप्ता ,चंद्रप्रभा ,माया,संगीता, नीलम जोशी, निगम पाठक, कुसुम लता व सीमा आदि मौजूद रहे।
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प्रमुख मांगे-
आशा वर्कर को सरकारी कर्मचारी बनाया जाए, तब तक आशा वर्कर का मानदेय बढ़ाकर 26 हजार रुपए दिए जाए। मानदेय और प्रोत्साहन राशियों को महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए। आशा वर्कर को ईएसआई / ईपीएफ और रिटायरमेंट बेनेफिट समेत सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाए। अनुभव एवं योग्यता के आधार पर पदोन्नति की जाए। आठ एक्टिविटी के काटे गए 50 प्रतिशत को तुरंत वापस लिया जाए और मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 7000 हजार रुपये जारी किया जाए। आशा की रिटायरमेंट की उम्र 65 साल की जाए। आशा वर्कर को पीएचसी में मीटिंग में आने जाने और मरीज के साथ जाने के लिए किराया भत्ता दिया जाए। ड्रेस के लिए दो हजार रुपये वार्षिक दिए जाए समेत अन्य मांगे हैं।