-रोडवेज को 25 नई बसें मिली हैं,चालकों को दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। रोडवेज की नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। अगर कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो चालक परिचालक के अलावा यात्री भी सुरक्षा मांग सकते हैं। इसको लेकर टाटा कंपनी की नई बसों में खास इंतजाम किए गए हैं। बल्लभगढ़ बस डिपो को करीब डेढ़ महीने पहले टाटा कंपनी की 25 नई बसें प्राप्त हुई थीं। उन बसों में से 15 बसों के स्थायी नंबर आ चुके हैं। जिसको चलाने के लिए बुधवार को टाटा कंपनी की ओर से टीम ने रोडवेज के चालकों को ट्रेनिंग दी। जिसमें उनको बस में मौजूद सुरक्षा उपकरणों के साथ-साथ तकनीकी खराबी आने पर क्या करना चाहिए, इसके बारे में बताया गया। बसें जहां एक ओर लॉग रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो उसको ध्यान में रखते हुए आरामदायक सीटें लगाई गई हैं, वहीं दूसरी ओर यात्री व कर्मचारियों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है।
बस पर डिस्पले होगा रूट
यात्रियों को बस में सफर करने से पहले चालक व परिचालक से रूट की जानकारी लेनी पड़ती है, जिसके कारण कई बार यात्रियों को बस में चढ़ने में देरी होती है और उनको सीट नहीं मिल पाती है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए बस के आगे व पीछे डिस्पले बोर्ड को लगाया हुआ है। जिसमें बस के शुरू होते ही रूट की जानकारी मिल जाएगी।
आपात में बजा सकते हैं सायरन
अगर यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो जाती है तो चालक स्टेरिंग के पास लगे सायरन के बटन को दबा सकते हैं। जिसके बाद पूरी बस में सायरन की आवाज सुनाई दे जाएगी और यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है। इसके अलावा इस बस में चालक के पीछे तीन सीटों के बाद एक आपातकालीन खिड़की को भी बनाया हुआ है। जिसका इस्तेमाल करके यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकता है।
मदद के लिए दबा सकते हैं बटन
बसों में मुख्य द्वार के साथ-साथ यात्रियों की हर सीट के ऊपर हेल्प का लाल रंग का बटन लगा हुआ है। जिसको कोई भी किसी भी समय मदद के तौर पर दबा सकता है। कई बार यात्रा के दौरान यात्री की हालत खराब हो जाती है लेकिन सफर के दौरान चालक तक आवाज नहीं पहुंच पाती है इसलिए इस बटन को दबाकर यात्री मदद ले सकता है।
लगे हुए हैं प्रेशर गेट
कई बार रोडवेज में यात्रियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से यात्री गेट पर खड़े होकर सफर करते हैं और उसके साथ कोई न कोई हादसा हो जाता है। उस हादसे को रोकने के लिए टाटा कंपनी की बस में प्रेशर गेट की सुविधा की गई है। ताकि यात्री द्वार बस में चढ़ने के बाद चालक बटन से प्रेशर गेट को बंद कर सकें। जिसके चलते अगर कोई यात्री गेट पर भी खड़े होकर सफर कर रहा होगा, तो गेट बंद होने के बाद वह सुरक्षित रहेगा।