तीन फोटो गली में देख गुर्राते हैं बंदर, डर के साये में लोग
-बंदरों के उत्पात से भय के माहौल में 1500 से ज्यादा लोग
-टंकियां की पाइप और गमले तोड़ देते हैं बंदर, निगम नहीं सुन रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नगर निगम के पास लावारिस कुत्तों और बंदरों के लिए योजना नहीं होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। आलम यह है कि लोग घरों में कैद हो गये हैं, गलियों में डंडा लेकर निकल रहे हैं। बंदरों के कारण घरेलू सहायिकाओं ने काम करना छोड़ दिया है।
अरावली से सटे रिहायशी इलाकों में इन दिनों लोग बंदरों के उत्पात से काफी परेशान हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल सेक्टर-29 का है। स्थानीय लोगों के मुताबिक बंदर छत पर रखी पानी की टंकियों और पानी की पाइप, बालकनी में रखे हुए फूलों के गमले तथा गलियों में खड़ी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। घर के बाहर सूख रहे कपड़े व खाद्य सामग्री लेकर भाग जाते हैं। कई बार लोगों के हाथ से खाद्य सामग्री छीनकर भाग जाते हैं।
सेक्टर-29 (हुड्डा) आरडब्ल्यू उप प्रधान नारायण सिंह, एसपी चौधरी, टीसी सागर के मुताबिक बंदरों के उत्पात से लोग घर से निकलने से डरने लगे हैं। सड़क और गलियों से निकलते तथा पार्कों में घूमते हुए बड़ों तथा बच्चों को बंदर कई बार घायल कर चुके हैं। इसके अलावा सेक्टर में कुत्तों का उत्पात भी लोगों को खूब परेशान कर रहा है, 1500 से ज्यादा परिवार भय के माहौल में हैं। लोगों ने नगर निगम की एमओएच प्रभजोत कौर को इस संबंध में शिकायत दी है।
लोगों से बातचीत
सेक्टर-29 में बंदरों के उत्पात से लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। सेक्टर में हजारों की संख्या में लोग रहते हैं। निगम के पास कोई योजना नजर नहीं आ रही है।
-अशोक सिंघल, प्रधान, आरडब्ल्यूए सेक्टर-29(हुड्डा)
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क्षेत्र में बंदरों का उत्पात इतना ज्यादा है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। लोग डंडे के सहारे घर से निकल रहे हैं, बच्चे डरे हुए हैं, निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
-सुबोध नागपाल, महासचिव, आरडब्ल्यूए सेक्टर-29(हुड्डा)