- झांसी के पास मिला गायब व्यवसायी
- खुद पत्नी को फोन कर झांसी के पास होने की दी जानकारी, सुबह तड़के पांच बजे पहुंचे घर
- व्यवसायी के घर पहुंचने पर पुलिस ने ली राहत की सांस
- अब झूठी अफवाह फैला सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर के एक इन्वर्टर व्यवसायी का गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया द्वारा अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला झूठा निकला। रविवार की सुबह होडल से अचानक लापता हुए व्यवसायी के अपहरण व एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगे जाने की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। जिसके बाद जिला पुलिस विभाग सतर्क हो गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर में नाकाबंदी करा दी। इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी पुलिस बल के साथ व्यवसायी की दुकान पर पहुंच गए तथा वहां आसपास के दुकानदारों तथा परिजनों से मिले। पूरे दिन पुलिस भागदौड़ में लगी रही तथा व्यवसायी की तलाश में जुुट गई। पुलिस दिनभर परेशान रही तथा देर शाम राजनीतिक दबाव के बाद होडल थाने में व्यवसायी की गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया। देर रात पुलिस को व्यवसायी के झांसी के पास सकुशल होने की सूचना मिली, तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
सुबह करीब पांच बजे व्यवसायी के परिजन सकुशल लापता व्यवसायी को वापस घर ले आए। हालांकि फिलहाल वह बदहवास स्थिति में है तथा कुछ भी बताने में सक्षम नहीं है, लेकिन परिजनों का कहना है कि उसका न तो अपहरण हुआ और न ही फिरौती मांगी गई। वह पिछले काफी समय से डिप्रेशन में चल रहे हैं। वहीं अब पुलिस ने अपहरण व फिरौती मांगने की झूठी अफवाह सोशल मीडिया के माध्यम से फैला दहशत फैलाने का प्रयास करने वाले लोगों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। पुलिस ने सोशल मीडिया से उन लोगों के नाम लेकर साइबर टीम को जांच करने को दे दिए हैं। पुलिस उन लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में भी है।
बता दें कि बस अड्डा मार्केट में ल्युमिनस इन्वर्टर बैटरी के अधिकृत विक्रेता दीनानाथ रविवार सुबह होडल उधार का पैसा लेने के लिए गए थे। वहां पुन्हाना चौक पर एक बैटरी इन्वर्टर की दुकान पर अपनी कार खड़ी कर वह मोबाइल फोन कार में रखकर कहीं चले गए। काफी देर तक जब वह नहीं आए तो दुकानदार ने गाड़ी से उनका फोन निकालकर उनके भाई को पलवल में फोन कर दिया। उसके बाद उनकी तलाश शुरू हो गई। इसी दौरान किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वायरल कर दिया कि व्यवसायी दीनानाथ का अपहरण हो गया है और उनके परिजनों से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह सूचना जब पुलिस को मिली तो पुलिस सतर्क हो गई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक ने तुरंत डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम व्यवसायी की दुकान पर जांच के लिए भेज दी। पुलिस दिनभर व्यवसायी की तलाश में जुटी रही, लेकिन कहीं कुछ सुराग नहीं मिला।
उधर व्यवसायी के अपहरण और फिरौती मांगने की बात वायरल होने पर शहर में व्यापारियों में दहशत का माहौल बन गया। व्यापारियों में डर बन गया। व्यापारी इस मामले को लेकर विधायक दीपक मंगला से भी मिले। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने होडल थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया गया। देर सांय गायब हुए दीनानाथ का पत्नी के पास फोन आया तथा पता चला कि वह झांसी की तरफ सकुशल हैं। जिसके बाद परिजनों व पुलिस ने राहत की सांस ली। दीनानाथ के जीजा अनिल गर्ग ने बताया कि दीनानाथ पिछले काफी समय से तनाव में हैं। अब वह होडल से झांसी कैसे पहुंचे पता नहीं। जब वह ठीक से जवाब देने की स्थिति में होंगे, तब बता पाएंगे। उनका न तो अपहरण हुआ था और न ही किसी ने फिरौती मांगी। उन्होंने बताया कि उन्हें सकुशल घर ले आए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस तरह की दहशत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच की जा रही है।