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Faridabad News: दो विभागों में फंसे सेक्टर-24 औद्योगिक क्षेत्र को मॉडल बनाने का प्रोजेक्ट

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तीन साल पहले एफएमडीए ने बनाई थी योजना, सीवर-पानी का काम अधूरा
34 करोड़ रुपये का बनाया था प्रोजेक्ट
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-24 का विकास एफएमडीए और एचएसवीपी के बीच फंसकर रह गया है। दोनों विभागों की खींचतान के कारण सीवर, स्ट्रीट लाइट, बारिश के पानी निकासी के लिए ड्रेनेज लाइन बिछाने आदि का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। स्ट्रीट लाइटें खराब होने से खासकर महिला कर्मचारियों को रात के अंधेरे में सड़कों पर सफर करना पड़ता है। जिससे उद्यमियों के साथ करीब 20 हजार कर्मचारियों को परेशानी हो रही है।
स्मार्ट सिटी में औद्योगिक सेक्टरों की हालत बेहद खराब है। सेक्टरों में कुछ सड़के सीमेंटेड हैं, लेकिन वह कई जगह उखड़ चुकी हैं। ग्रीन बेल्ट में गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सड़कों के किनारे जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। सीवर मैनहोल अक्सर ओवरफ्लो होकर बहते हैं। कंपनियों से निकलने वाले कूड़े का सही निस्तारण नहीं किया जाता है। सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें सालों से खराब हैं। इसके अलावा फुटपाथ की कोई व्यवस्था नहीं है। सीवर लाइन काफी पुरानी हो चुकी हैं। नियमित रूप से सफाई न होने के कारण अक्सर चोक रहती हैं। सेक्टरों के पार्कों की हालत भी बेहद दयनीय बनी हुई है। सेक्टर-24 स्थित जेबीएम कंपनी के नजदीक स्थित करीब तीन एकड़ में बने पार्क की हालत दयनीय बनी हुई है। कुछ साल पहले तक लोग सुबह-शाम सैर और व्यायाम के लिए आते थे, लेकिन अब यहां ट्रक खड़े होते हैं। पार्क की ग्रिल चोरी हो गई है। ऐसे में फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की तरफ से दो साल पहले सेक्टर-24 काे मॉडल सेक्टर बनाने की योजना तैयार की गई थी। इसके तहत सीवर, सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही खस्ताहाल सड़कों को नए सिरे से बनाना, सभी सड़कों पर स्ट्रीट लाइटें और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे। लेकिन काम शुरू करने के दो माह बाद प्रोजेक्ट को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को हस्तांतरित कर दिया गया। उधर एचएसवीपी के ठेकेदार को भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार ने काम बीच में बंद कर दिया गया, जिससे लोग काफी परेशान हैं।
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वर्जन
सेक्टर-24 में रुके विकास कार्यों को दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस योजना पर 38 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसे मॉडल सेक्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। - अजीत सिंह, कार्यकारी अभियंता, एचएसवीपी
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