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Faridabad News: पेज 1 के लिए प्रस्तावित मनमाने ढंग से किताबें नहीं बेच पाएंगे निजी स्कूल, बनेगी नीति

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मुख्यमंत्री ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में दिए निर्देश
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पुस्तकों के पन्ने व कागज की गुणवत्ता के साथ रेट निर्धारित किए जाएंगे
प्रदेश स्तर पर पुस्तकों के चार्ट बनाकर आमजन को जानकारी दी जाएगी

फोटो-6
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रदेश के निजी स्कूलों में किताबों को लेकर अब मनमानी नहीं चलेगी। निजी स्कूलों को किताबों की बिक्री मनमाने ढंग से करने से रोकने के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी, जिससे अभिभावकों को आर्थिक रूप से परेशान न होना पड़े। नई पॉलिसी के तहत पुस्तकों के पेज व कागज की गुणवत्ता के साथ रेट निर्धारित किए जाएंगे और प्रदेश स्तर पर पुस्तकों के चार्ट बनाकर आमजन को जानकारी दी जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह बात शनिवार को सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिवादों की सुनवाई के दौरान कही। बैठक में कुल 14 शिकायतों पर सुनवाई की गई, जिसमें से 12 शिकायतों का निपटारा मौके पर कर दिया गया।
सेक्टर-19 निवासी परिवादी (शिकायतकर्ता) अनुज खुराना ने बताया कि उन्होंने बेटे अधित खुराना का दाखिला ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-89 स्थित मॉडर्न डीपीएस में नर्सरी में कराया था। दाखिले के समय स्कूल प्रबंधन द्वारा ट्यूशन फीस 50 हजार रुपये और 10 हजार रुपये दूसरे मद में जमा कराए गए। पैसे जमा करने के बाद देखा कि बेटे का नाम वेटिंग लिस्ट में है। स्कूल प्रबंधन से पता करने पर उन्होंने कहा कि इसकी वजह नहीं बता सकते हैं और दाखिला होगा या नहीं यह भी पूर्ण आश्वासन नहीं दे सकते हैं। दाखिला न होने पर पूरी फीस वापस कर दी जाएगी। यह बात सुनकर अनुज ने कहा कि फीस रसीद पर तो ट्यूशन फीस नॉन रिफंडेबल लिखा है तो मुझे आपकी बात पर कैसे यकीन होगा। उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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ऐसे में प्रार्थी ने बच्चे का दाखिला रद्द करवाने के लिए आवेदन किया तो स्कूल प्रबंधन ने नॉन रिफंडेबल की बात बोलकर फीस लौटाने से साफ इन्कार कर दिया। इसी प्रकार उन्होंने निजी स्कूल द्वारा अभिभावकों से पुस्तकों के अधिक रेट लेने का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अंशज सिंह से फोन पर बातचीत करते हुए इस प्रकार के अभिभावकों के आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए पॉलिसी बनाने के आदेश दिए। साथ ही निजी स्कूलों को निर्धारित स्लैब के अनुरूप फीस लेने के आदेश दिए गए।

अभिभावक मंच लगातार उठा रहा मांग

हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा कि मंच लगातार मांग करता रहा है। सरकार को इसे लेकर प्रभावी कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की मनमर्जी से अभिभावक परेशान हैं। कैलाश शर्मा ने कहा कि निजी स्कूलों में मनमानी तरीके से काॅपी-किताब की बिक्री हो रही है। ऐसे में सरकार घोषणा को जल्द अमल में लाए। दूसरी ओर निजी स्कूलों को फीस को लेकर भी कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
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एक ही फोन नंबर से 20 से ज्यादा शिकायतें देने वालों की होगी निगरानी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सीएम विंडो पर बेवजह की शिकायतें करने वालों के कारण अधिकारियों को कार्य करने में परेशानी होती है। ऐसे में सीएम विंडो पर अब एक ही फोन नंबर से 20 से ज्यादा शिकायतें करने वालों की निगरानी की जाएगी। परिवेदना समिति की बैठक में एक परिवादी पवन कुमार द्वारा निरंतर विभिन्न विभागों के खिलाफ की जा रही शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के कार्यों में बेवजह की शिकायतें ठीक नहीं। ऐसे में शिकायतकर्ता की समस्या को समझते हुए समाधान किया जाएगा।
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