- मौजूदा एनजीओ का कार्यकाल इसी माह हो रहा समाप्त, नगर निगम नई एजेंसी के लिए करने जा रहा टेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में लावारिस कुत्तों के देखभाल और नसबंदी के लिए नगर निगम नए सिरे से कार्य करने जा रहा है। अब नए एनजीओ या संगठन को इसका काम दिया जाएगा। इसके लिए मसौदा तैयार कर लिया गया और जल्द ही निविदा जारी कर दी जाएगी।
शहर की कॉलोनियों, सेक्टरों और सोसाइटियों में काफी संख्या में लावारिस कुत्ते हैं। कई बार कुत्ते लोगों को काट लेते हैं। ऐसे में कुत्तों को लेकर निगम को रोज पांच-छह शिकायतें मिलती रहती हैं। दूसरी ओर बीके अस्पताल में रोज करीब 20-25 लोग रैबीज के टीके लगवाते हैं। दूसरी ओर नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी और देखरेख का काम एक एनजीओ को दिया हुआ है, लेकिन जुलाई में एनजीओ का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। दूसरी ओर एनजीओ के कामकाज से नगर निगम संतुष्ट नहीं हैं। लोगों का आरोप रहता हैं कि शिकायत पर भी एनजीओ कुत्तों को लेकर तत्काल कदम नहीं उठाती है। ऐसे में निगम ने कुत्तों के देखभाल और नसबंदी को लेकर नया टेंडर जारी करने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने पहले के टेंडर में कई सुधार किया है। नए टेंडर में नगर निगम एनजीओ या संगठन को कुत्तों को रखने के लिए जगह उपलब्ध नहीं कराएगा। एजीओ को अपने पुश अस्पताल में कुत्तों की नसबंदी, उपचार समेत अन्य कार्य करने होंगे। निगम एक कुत्ते के नसबंदी पर करीब 800 रुपये एनजीओ को देता है।
फीडिंग प्वाॅइंट के लिए आरडब्ल्यूए को लिखा पत्र
सेक्टरों व सोसाइटियों में लावारिस कुत्तों को खाना देने पर अक्सर विवाद होता रहता है। ऐसे में नगर निगम एक मसौदा तैयार किया है। जिसके तहत सेक्टर और सोसाइटियों में कुत्तों के लिए फीडिंग प्वाॅइंट बनाना है। नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभजोत कौर ने बताया कि इसके लिए आरडब्ल्यूए को पत्र लिखकर फीडिंग प्वाॅइंट तय तैयार करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि विवादित मामलों में कमेटी ऐसे स्थानों को तय करने में संबंधित पक्ष की मदद करेगी। इस काम को जल्द सिरे चढ़ाने को कहा गया है।
शहर में लावारिस कुत्तों की गंभीर समस्या है। इसे लेकर नए सिरे से कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए टेंडर लगाया जा रहा है। शहर में कुत्तों के देखभाल की जिम्मेदारी नए एनजीओ को दी जाएगी।
- डॉ. प्रभजोत कौर, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम