बल्लभगढ़। पुलिस ने गंभीर अपराधों में संलिप्त आरोपियों पर प्रभावी निगरानी और कानून का शिकंजा कसने के लिए विशेष पायलट प्रोजेक्ट आरजेएसएफ के तहत व्यापक सत्यापन अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत पिछले 10 वर्षों में हत्या, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, रंगदारी और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में गिरफ्तार आरोपियों का रिकॉर्ड खंगालकर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) राजेश कुमार मोहन ने बताया कि पिछले एक दशक के गंभीर अपराधों का विस्तृत विश्लेषण कर 3,499 अपराधियों की सूची तैयार की गई। इसमें अब तक 2,212 अपराधियों का भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 1,287 अपराधियों का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर जारी है। सत्यापन के दौरान 1,368 आरोपी अपने दर्ज पते पर मिले। 161 विभिन्न जेलों में बंद पाए गए और 55 आरोपियों की मृत्यु की पुष्टि हुई। अभियान के दौरान 628 आरोपी अपने दर्ज पते पर नहीं मिले। वहीं 35 आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई हैं तथा 13 ऐसे गंभीर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जो नए मामलों में वांछित चल रहे थे। संवाद