संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर- 37 के नजदीक अशोका एन्क्लेव के पास दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है। इस कारण एनएचएआई ने यहां बैरिकेडिंग कर रास्ते को बंद किया हुआ है। इसके बावजूद वाहन चालक जान जोखिम में डालकर बैरिकेडिंग हटाकर एक्सप्रेसवे से सफर कर रहे हैं। इसके चलते एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। वाहन चालकों की इस लापरवाही से निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर काम रहे कर्मचारियों काफी परेशान हैं। हालांकि, एक्सप्रेसवे पर बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, बैलगाड़ी और ऑटो बैन हैं। इसके बावजूद लोग इन वाहनों से सफर कर रहे हैं।
फरीदाबाद एक्सप्रेसवे से जुड़ते ही वाहनों की बढ़ने लगी भीड़
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद फरीदाबाद के लोग भी बल्लभगढ़ के कैल गांव से मंडकौला होते हुए एक्सप्रेसवे पर पहुंचने लगे हैं। हालांकि, अभी कैल से मंडकौला तक आधिकारिक तौर पर एक्सप्रेसवे की लिंक रोड शुरू नहीं हुई है, लेकिन यहां वाहन चलने लगे हैं। इस हिस्से की लंबाई 25 किलोमीटर है। एनएचएआई अधिकारी इस हिस्से पर 20 फरवरी से आवागमन शुरू करने का दावा कर रहे थे, लेकिन इससे पहले ही बड़े-छोटे वाहन यहां से गुजरने लगे हैं। विधानसभा चुनाव के कारण प्रत्याशियों की जगह- जगह रैली और चुनाव प्रचार अभियान के कारण भारी जाम लग रहा है। इस जाम से बचने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर एक्सप्रेसवे से आवागमन कर रहे है। फिलहाल अशोका एनक्लेव से आगे दिल्ली की तरफ एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह साइन बोर्ड और स्ट्रीट लाइट लगाने का काम चल रहा है। इस कारण यहां एक्सप्रेसवे को बैरिकेडिंग करके बंद किया गया है।
वर्जन
एनएचएआई के उपमहाप्रबंधक धीरज कुमार का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे पर जो प्रतिबंध लगाए हैं उनकी कड़ी निगरानी की जाएगी। प्रवेश केंद्रों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। इस पर बिना किसी खास वजह के रुकने पर रोक रहेगी। वहीं, कंट्रोल रूम से वाहनों पर निगाह रखी जाएगी, प्रतिबंधित वाहन अगर कहीं प्रवेश कर भी जाता है तो उसको देखने के बाद पेट्रोलिंग स्टाफ को भेजकर उसे वापस कराया जाएगा।