संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नीलम पुल का निर्माण कार्य 25 सितम्बर से शुरू किया गया था। जिसके निर्माण के लिए एफएमडीए द्वारा 3.59 करोड़ रुपये का टेंडर दिया गया। इसमें बड़खल पुल पर किया गया निर्माण कार्य भी शामिल था। इस पुल की दोनों लेन के निर्माण के लिए एफएमडीए अधिकारियों ने 3-3 सप्ताह का समय मांगा था। एक महीने बाद भी नीलम पुल की एक लेन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
लोगों को उम्मीद थी कि 3 सप्ताह नहीं तो एक महीने में पुल की एक लेन का काम पूरा हो जाएगा। पहले चरण में अजरौंदा चौक से बीके चौक तक जाने वाली लेन का कार्य किया जा रहा है। इस लेन का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन लेन के नीचे बने खंभों की मरम्मत में अभी 2 से 3 दिन का समय और लगेगा। इसके बाद इन खंभों की तराई एवं सूखने के लिए 15-20 दिन का समय चाहिए होगा। इस प्रकार जो पहली लेन बनकर तैयार हो गई है को दिवाली से पहले शुरू नहीं किया जा सकता। नीलम पुल के नीचे अजरौंदा से बीके चौक की तरफ जाते समय जो पिलर हैं, वो पूरे हैं। इसलिए उनकी मरम्मत में अधिक समय लग रहा है। बीके चौक से अजरौंदा की तरफ जाने वाले खंभे संख्या में आधे हैं, उनकी मरम्मत जल्द हो जाएगी। ऐसे में शहर के लोगों को दिवाली तक जाम से राहत मिलने वाली नहीं है। फिलहाल बीके चौक से अजरौंदा की तरफ जाने वाली एक लेन को ही आने-जाने के लिए प्रयोग किया जा रहा है। जिसके चलते वाहनों का अतिरिक्त लोड होता है। केवल नीलम पुल ही नहीं, ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास, बड़खल पुल एवं बाटा पुल भी लोग घंटों-घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
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नीलम पुल के पिलरों की मरम्मत और उनकी तराई व सूखने के लिए अभी कुछ और समय चाहिए हाेगा। ऐसे में माना जा सकता है कि दिवाली के बाद ही अजरौंदा से बीके चौक की तरफ आने वाली लेन को खोला जाएगा। लोगों को राहत देने के लिए कुछ दिन बाद हल्के वाहनों के लिए बंद पड़ी साइड को खोलने पर विचार किया जा सकता है। रिपेयर होने वाली पहली लेन पूरी तरह से चालू होने के बाद ही दूसरी लेन का कार्य शुरू किया जाएगा।
- नरेश बागड़ी, चीफ इंजीनियर एफएमडीए