अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के सबसे बड़े और करीब 100 साल पुराने बुढ़िया नाले के तीन चौथाई भाग पर पहले लोगों ने अतिक्रमण किया और अब कहते हैं कि जलभराव से निजात दिलाई जाए। यही हाल गौंछी ड्रेन का है। एनआईटी क्षेत्र में बारिश के पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों पर भी जगह-जगह अवैध कब्जे हैं। जिससे थोड़ी सी बारिश में भी लाेगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बारिश के दौरान होने पानी निकासी के रूप में बुढ़िया नाला और गौंछी ड्रेन प्रमुख थे। बुढ़िया नाले को मुगल ब्रिज भी कहा जाता है। इसे मुगलकालीन राजा ने अपनी सेना के आवागमन को आसान करने के लिए बनाया था। यह नाला सूरजकुंड-अनखीर सड़क से शुरू होकर यमुना किनारे तक जाता है। यह एनएचपीसी चौक के नजदीक से हाईवे को पार करता है। फिर वहां से बाईपास सड़क, गुरुग्राम और आगरा नहर को पार करके यमुना की ओर बढ़ जाता है। यहां से यह यमुना को जोड़ता है। पुराने समय में यह बारिश के दौरान अरावली के पहाड़ों से आने वाले पानी निकासी का मुख्य स्रोत होता था। नाले से पानी यमुना में जाता है। नगर निगम पूर्व सीनियर टाउन प्लान रवि सिंगला ने बताया कि पहले यह चार गुना चौड़ा था। इसी तरह गौंछी ड्रेन ओल्ड फरीदाबाद रेलवे लाइन से होते हुए नीलम चौक, बाटा चौक और यहां से सेक्टर-24 औद्योगिक क्षेत्र और एनआईटी होते हुए सेक्टर-52 से आगे गुरुग्राम कैनाल में मिलती है, लेकिन नाले पर जगह-जगह लोगों ने कब्जा करके मकान बना लिए। बाटा चौक स्थित एसी नगर, बाटा चौक ऑटो मोबाइल मार्केट पर लोगों ने दुकानें बनाकर कब्जा किया हुआ है। इसी प्रकार बुढ़िया नाले पर एनएचपीसी चौक के पास हाईवे पर सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने झुग्गियां बनाकर कब्जा किया हुआ है, जो आगे बाईपास तक है। इससे नाला काफी छोटा हो गया है। अतिक्रमण और अवैध कब्जे के कारण बारिश का पानी नाले तक पहुंचता नहीं है। कई जगह अवैध कब्जा होने के कारण सफाई भी नहीं होती है। इससे बारिश का पानी सड़कों से निकल नहीं पाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में बाटा चौक रेलवे लाइन के पास उन्होंने नाले के ऊपर से अवैध कब्जा हटाकर सफाई कराई थी। इसके साथ ही फेंसिंग कराई थी, जिससे की लोग कब्जा नहीं कर सकें, लेकिन लोगों ने फेंसिंग तोड़कर फिर से कब्जा जमा लिया। नगर निगम को नालों से सभी कब्जे हटाकर इनकी सफाई करवानी चाहिए। इसके जलभराव की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी।
लोगों से बातचीत
नगर निगम को अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। खासकर नालों और सीवर लाइनों के कब्जों को हटाया जाना जरूरी है। कब्जा हटाकर इन्हें जेसीबी से साफ करवा फिर से पानी निकासी के लिए खोला जाए। जलभराव की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। - रवि सिंगला, पूर्व सीनियर टाउन प्लानर
बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से निजात दिलाने के लिए पुराने स्रोतों को जीवित करने की जरूरत है। सभी जगह लोगों ने नालों पर कब्जा कर रखा है। इन्हें हटाया जाए। - रमणीक प्रभाकर, महासचिव, मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद
वर्जन
जलभराव से निपटने के लिए स्मार्ट सिटी व एफएमडीए की तरफ से सड़कों के किनारे नाले बनाए जा रहे हैं। पुराने नालों की भी नियमित रूप से सफाई कराई जा रही है। नालों के कब्जों पर जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी। - ओमवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम