15 करोड़ से बनना था फुटओवर ब्रिज, दो साल बाद भी शुरू नहीं हुआ काम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। लक्कड़पुर रेलवे फाटक पर करीब 15 करोड़ की लागत से फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना है, लेकिन 2 साल से योजना केवल कागजों में दबकर रह गई है। लोगों की मानें तो आए दिन फाटक पार करते हुए हादसों का शिकार हो रहे हैं। एक महीने में 8-10 लोगों की जानें फाटक व आसपास ट्रैक पार करते हुए जा रही है।
रेलवे फाटक के आस-पास कई झुग्गियां और कॉलोनियां बसी हुई है। दयालबाग, लकड़पुर, शिव दुर्गा विहार, इरोज गार्डन, चार्मवुड़ विलेज और प्रहलादपुर में रहने लगभग दो लाख से लोगों को राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर जाने के लिए रेलवे फाटक पार करना पड़ता है। सुबह शाम और दोपहर के समय सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। प्रतिदिन हजारों पैदल यात्रियों, दुपहिया वाहन चालकों के साथ बड़े वाहनों का आवागमन होता है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण सबसे ज्यादा कामगार वर्ग इस हिस्से में रहते है। फाटक के आसपास बाउंड्री वॉल भी नहीं हैं, बढ़ रहे हादसों का सबसे बड़ा कारण यह भी है। फुट ओवर ब्रिज को लेकर लोगों ने कई बार विरोध प्रदर्शन व मंत्रियों को ज्ञापन भी दिया है, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो सका है।
दो साल पहले सीएम ने की थी घोषणा
स्थानीय निवासियों की मानें तो साल 2021 में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने फुट ओवर ब्रिज निर्माण की घोषणा की थी। इसे 15 करोड़ की लागत से काम पूरा किया जाएगा। लोगों को आस थी कि साल 2021 में काम शुरू हो जाएगा लेकिन दो साल बाद भी योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। विकल्प के रूप में लकड़पुर की ओर रहने वाले लोगों को एनएचपीसी अंडरपास से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग जाना पड़ता है, लेकिन बारिश के दिनों में अंडरपास में कई फुट पानी भर जाता है। जिससे आवागमन बंद हो जाता है। मजबूरन लोग फाटक से गुजरते है।
लोगों से बातचीत
साल 2015 से फुट ओवर ब्रिज बनने के बारे में सुन रहे हैं। नेता आते हैं वोट के समय और वाहवाही लूटकर चले जाते हैं, लेकिन फाटक या फुट ओवरब्रिज नहीं बन सका है।
- मुकेश, दुकानदार
दो साल पहले सुना था कि काम शुरू होने वाले है, लेकिन आज तक काम शुरु नहीं हो सका है। लोग बेहद परेशान हैं, जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे है। अक्सर ट्रेन से हादसे होते हैं।
- राकेश, स्थानीय निवासी
वर्जनआठ अगस्त तक टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इसके बाद आगे काम शुरू किया जाएगा। जल्द लोगों को राहत मिलने की संभावना है।
- राहुल सिंह, डिप्टी जनरल मैनेजर, लोक निर्माण विभाग सड़क एवं पुल