फोटो- आम जनता की समस्याओं को लेकर किया जा रहा महापड़ाव
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ज्वाइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल की बैठक में 9 और 10 अगस्त को होने वाले महापड़ाव की तैयारी को अंतिम रूप दिया गया। इसमें उपायुक्त कार्यालय के सामने 24 घंटे का महापड़ाव डालने का फैसला लिया गया है। शनिवार को एचएमएस के कार्यालय में संपन्न हुई बैठक की अध्यक्षता इंटक के प्रधान हुकमचंद वेनीवाल ने की। जबकि, इसका संचालन संयोजक वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने किया। बैठक में सबसे पहले नूंह में 31 जुलाई को हुई हिंसा की कड़े शब्दों में भर्त्सना की गई। इसके लिए जिम्मेदार असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की। बैठक में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 9 और 10 अगस्त को उपायुक्त कार्यालय के सामने 24 घंटे का महापड़ाव डालने का फैसला लिया गया। महापड़ाव भारत छोड़ो आंदोलन के ऐतिहासिक दिवस के अवसर पर डाला जा रहा है। बैठक में बताया गया कि एक अगस्त को महापड़ाव की सूचना उपायुक्त कार्यालय को दे दी गई थी। संयोजक ने बताया कि भाजपा सरकार की मजदूर किसान, कर्मचारी और जनविरोधी नीतियों से देश की बड़ी आबादी भयंकर रूप से परेशान है। बढ़ती आबादी और घटती आमदनी तथा शिक्षा स्वास्थ्य के निजीकरण से आम जनता को संकटों का सामना करना पड़ रहा है। बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है। भाजपा सरकार आम लोगों को सुविधा देने में विफल रही है। लोगों को राहत प्रदान करने के बजाय सरकार देश के संविधान और लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है। इसके खिलाफ देशभर में 9 और 10 को महापड़ाव डाले जा रहे हैं। महापड़ाव के मुद्दे आम जनता की समस्याएं हैं, जिसमें मुख्य रूप से चारों लेबर कोड रद्द करने, न्यूनतम वेतन 26000 प्रतिमाह देने, सरकारी क्षेत्र के निजीकरण पर रोक व परियोजना कर्मियों सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत अन्य मांगे हैं। बैठक में आरएन सिंह, विशम्बर सिंह, हुकमचंद वैनीवाल, एचएमएस के आरडी यादव व जवाहरलाल उपस्थित रहे।