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Faridabad News: किसानों के हितों की रक्षा के लिए नीति बनाएं अधिकारी

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सीएम ने हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सरकार के सामने भूस्वामियों के हित सर्वोपरि हैं और ऐसे भू-स्वामियों जिनकी जमीनों से बिजली लाइनें डाली जा रही हैं, उनके हितों की रक्षा के लिए पॉलिसी बनाकर नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि सभी भू-मालिक संतुष्ट हो सकें। ये आदेश उन्होंने रविवार को एचएसवीपी कन्वेंशन सेंटर में हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के अधिकारियों की बैठक में दिए।
बैठक में बिजली निगमों के चेयरमैन पीके दास वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े और मुख्यमंत्री को बिजली परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक मोहम्मद शाइन ने मुख्यमंत्री को निगम की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पृथला स्थित 400 केवी सबस्टेशन से सेक्टर-78 स्थित सब-स्टेशन तक हाई स्पीड बिजली सप्लाई से जुड़ी लाइन के लिए नई बिजली लाइन डालने का कार्य जारी है। तिगांव और दयालपुर गांव के किसान मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए मांग कर रहे हैं। लगभग 124 टावर का आधारभूत ढांचा तैयार हो चुका है। 29.5 किलोमीटर लंबी इस लाइन में पृथला और तिगांव के एक दर्जन से ज्यादा गांव के भूस्वामियों का रकबा आता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पॉलिसी बनाएं, जिससे किसानों का भला हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को प्रदेशभर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने की दिशा में सार्थक कदम बढ़ा रही है।
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रैली से पहले किसान नेता घरों में नजरबंद
भाजपा की गदपुरी टोल प्लाजा पर गौरवशाली भारत रैली से पहले पुलिस ने किसान नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया। उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसकी किसान नेताओं ने घोर निंदा की। घर में नजरबंद किसान नेता बबलू हुड्डा ने बताया कि शनिवार रात ही पुलिस और क्राइम ब्रांच ने उनके घर पर डेरा डाल लिया था। रविवार को उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी की फरीदाबाद में कोई भी रैली होती है तो सबसे पहले किसानों और मजदूरों की लड़ाई लड़ने वालों को टारगेट किया जाता है, रविवार को भी यही हुआ। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि उन्हें हर बार घर में क्यों कैद किया जाता है, क्या वे सत्ताधारी पार्टी के भ्रष्टाचार और विकास की पोल न खोल दें।
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