तय समय में प्रॉपर्टी आईडी सही नहीं करने पर छह अधिकारियों पर जुर्माना
सेवा का अधिकार आयोग ने लगाया 50 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रॉपर्टी आईडी के काम तय समय पर नहीं होने पर हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग (आरटीएस) ने नगर निगम के छह क्षेत्रीय कराधान अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है। इसमें 152 मामलों में देरी करने पर अधिकारियों पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
याशी कंपनी शहर की संपत्तियों (प्रॉपर्टीज) का सर्वे कर करीब 5.75 लाख नई प्रॉपर्टी आईडी बनाई है। नई प्रॉपर्टी आईडी की कमियों को ठीक करने पुरानी आईडी के साथ मर्ज कर रहे हैं। नई प्रॉपर्टी आईडी को ठीक कराने के लिए लोग परेशान हैं। पैसे लेकर काम करने पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने कर ब्रांच के दो कर्मचारियों को पकड़ा था। इसके बाद भी निगम के काम में सुधार नहीं हो रहा है।
आरटीएस सचिव हितेन्द्र कुमार के अनुसार, संपत्ति कर रजिस्टर में नाम परिवर्तन नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण सेवा है। आयोग को पता चला है कि अंत्योदय सरल रिपोर्ट की समीक्षा के बाद 150 से अधिक मामले लंबित पाए गए। नगर निगम आयुक्त को नोटिस देकर देरी के लिए स्पष्टीकरण मांगा गया है। बाद में आयुक्त से एक रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि 152 मामले छह क्षेत्रीय कराधान अधिकारियों को आवंटित किए गए थे।
किसके पास कितने केेस पेडिंग
जेडटीओ सुनीता कुमारी के पास छह केस, जेडीओ दिनेश कुमार के 33, जेडटीओ विजय कुमार के पास 45, विकास कन्हैया के पास 23, सीमा भाटिया के 36, व शशि आर्य के छह केस लंबित पाए गए थे। इसी को लेकर कार्रवाई की गई है।
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आयुक्त ने सभी को चेताया था
प्रॉपर्टी आईडी की शिकायतों को तय समय में नहीं करने पर क्षेत्रीय कराधान अधिकारियों (जेडटीओ) पर निगम आयुक्त ने अपने ओर से जुर्माना लगाने की बात कही थी। इसके बाद भी अधिकारियों के कार्य में सुधार नहीं हो रहा है। 27 मार्च तक नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी से संबंधित करीब सात हजार शिकायतें लंबित थी। उन्होंने सभी को जल्द काम करने को कहा था। दूसरी ओर काम में लापरवाही बरतने पर एक जेडटीओ को प्लॉनिंग ब्रांच में भेज दिया था।