हथीन (संवाद)। बहीन-लुहैना रोड स्थित मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथावाचक बाल संत चैतन्य कृष्ण दास ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी की आठवीं संतान के रूप में जन्म लिया। उनके जन्म के साथ ही कारागार प्रकाशमयी हो उठा और आकाशवाणी हुई कि भगवान विष्णु ने कृष्ण रूप में अवतार लिया है। उन्होंने कहा कि वासुदेव जी ने भगवान श्रीकृष्ण को सूप में रखकर गोकुल में नंद बाबा के घर पहुंचाया था।