- वाणिज्य, शरीरिक शिक्षक सहित कई शिक्षकों का पद रिक्त, छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में आ रही है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा के स्तर सुधारने के लिए राजकीय स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पैटर्न पर शिक्षा मुहैया कराने के लिए मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया गया। उसके अनुसार स्कूलों में शिक्षकों को तैनात नहीं किया गया। इसका खामियाजा सराय ख्वाजा स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूल में 122 अध्यापकों का पद स्वीकृत है, उनमें से मात्र 58 पद रिक्त है।
स्कूल में शारीरिक शिक्षक, वाणिज्य सहित कई विषय के शिक्षकों का पद रिक्त है। ऐसे में विद्यार्थियों से बोर्ड परीक्षा में बेहतर परीक्षा परिणाम की उम्मीद करना उनके साथ बेईमानी होगा। प्रदेश सरकार राजकीय स्कूलों में बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही है। जिले के पांच राजकीय स्कूलों को मॉडल संस्कृति स्कूल को सीबीएसई पैटर्न में तब्दील कर दिया गया है। इसके अलावा जिले के स्कूलों में कई अन्य महत्वकांक्षी योजनाएं लागू की जा रही है। लेकिन स्कूलों में अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए रणनीति तैयार नहीं किया जा रहा है। इसके कारण स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ाई के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी के विरोध में अभिभावक स्कूल के बाहर प्रदर्शन करने के अलावा शिक्षा विभाग से यहां शिक्षकों की तैनाती करने की मांग कई बार कर चुके हैं। लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा।
जिले में है पांच मॉडल स्कूल
राजकीय स्कूलों में बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के लिए सेक्टर 55 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, एनआईटी-3 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेवला महाराजपुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्याल, नगला गुजरान राजकीय विद्यालय और तिगांव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल में तबदील कर दिया गया था। इनमें से सेक्टर 55 राजकीय माध्यमिक विद्यालय को वर्ष 2016 में मॉडल संस्कृति स्कूल बना दिया गया था। अन्य चार स्कूलों को वर्ष 2021 में बनाया गया था।
वर्जन
जिले में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। इस संबंध में विभाग अपने स्तर पर कार्य कर रहा है, अगले सत्र में कमी को दूर किया जा सकता है।
- आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी