-तीन स्तर की जांच के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश की मिली स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा पात्रता परीक्षा के दूसरे दिन लेवल एक और दो की परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो गई। दो चरण की परीक्षा के लिए 12,621 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 2,334 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले प्रत्येक परीक्षार्थियों की तीन लेवल की सुरक्षा जांच की गई। वहीं, प्रत्येक केंद्र पर मेटल डिटेक्टर मशीन, और अंगुलियों के निशान लेने के बाद उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश की स्वीकृति दी गई। प्रत्येक केंद्र पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। केंद्र पर लेट पहुंचने से एक दर्जन से अधिक परीक्षार्थियों परीक्षा देने से वंचित रह गए।
लेवल दो की परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू हुई। इसके लिए सुबह 8 बजे से ही केंद्र में प्रवेश की स्वीकृति दे दी गई। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले महिला परीक्षार्थियों से घड़ी, कंगन, चेन, कानों के आभूषण खोल कर बाहर ही रखवा दिए गए। कुछ परीक्षा केंद्रों पर समान रखने के लिए गेट पर काउंटर बनाया गया था, जबकि कुछ केंद्र पर नहीं था। इससे परीक्षार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लड़कों की भी बेल्ट व हाथ पर बंधे डोरे खुलवाए गए।
दूसरी पाली के लिए सवा दो बजे तक ही छात्रों की जांच के बाद मुख्य गेट के अंदर प्रवेश दे दिया गया था। शिक्षा विभाग के रिकार्ड के अनुसार प्रथम पाली में 8463 परीक्षार्थियों के लिए 28 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 1580 अनुपस्थित रहें। इसी प्रकार दूसरी पाली यानी लेवल एक की परीक्षा के लिए 4158 परीक्षाथियों के लिए 14 केंद्र बनाए गए थे। इनमें 810 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी।
ट्रेन लेट होने से कई परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में नहीं मिला प्रवेश
हरियाणा पात्रता परीक्षा को देने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार सहित कई अन्य राज्यों से परीक्षार्थी यहां आए थे। उनका कहना है कि ट्रेन पांच से छह घंटे लेट हो गई। इसके कारण वह निर्धारित संमय पर केंद्र पर नहीं पहुंच पाए और वह परीक्षा देने से वंचित रह गए। कॉलेज प्रबंधन व केंद्र अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किए, लेकिन गेट पर मौजूद सुरक्षा कर्मी ने उन्हें मिलने नहीं दिया। वहीं, कुछ परीक्षार्थी सुबह में ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने केंद्र के बाहर पार्क में बैठकर और अपने वाहन में बैठकर समय गुजारा। केंद्र की ओर से परिजनों के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई थी।
सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम
केंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी व जैमर लगाए गए। परीक्षाओं को नकल रहित कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से छह उड़नदस्ते बनाए गए थे। जो परीक्षा केंद्रों का दौरा करते नजर आए। जिला प्रशासन का दावा है कि परीक्षा शांतिपूर्ण रहा। जिले में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
क्या कहते है छात्र
आलोक कुमार :
यूपी के बलिया से आ रहा हूं। ट्रेन लेट होने के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गया। परीक्षा के लिए पिछले दो साल से तैयारी कर रहा हूं।
नवनीत गुप्ता : मध्य प्रदेश के झांसी से आ रहा हूं। ट्रेन पांच घंटे लेट हो गई। किसी तरह स्टेशन से उतर कर बल्लभगढ़ अग्रवाल कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पहुंचा। गेट बंद हो जाने के कारण प्रवेश नहीं मिली।
वर्जन
परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हो गई। जिले में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। जिले में 42 केंद्र बनाए गए थे। कहीं कोई कमी देखने को नहीं मिली है। -आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी