संवाद न्यूज एजंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-65 सीही निवासी दिलबाग नरवाल के लिए विजय दशमी का दिन यादगार बन गया। उनके बड़े बेटे मनीष नरवाल ने पैरा एशियाई खेलों के 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में लगातार दूसरी बार पदक जीता। वर्ष 2018 में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इस वर्ष मुकाबले में उन्हें कांस्य पदक पर संतोष करना पड़ा। इसके साथ ही उन्होंने 2024 में फ्रांस के आयोजित पैरा ओलंपिक खेल में स्थान सुरक्षित कर लिया। इस जीत से उनके घर में खुशी का माहौल है।
पिता दिलबाग ने बताया कि मनीष ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 240 अंक में से 217.3 अंक लेकर कांस्य पदक जीता। पैरा एशियाई खेल में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। बेटे के पदक जीतने की सूचना दोपहर करीब 12 बजे मिली। इसके बाद रिश्तेदारों समेत अन्य के मोबाइल पर बधाई संदेश आने लगे। उन्होंने बताया कि बेटे को कोरोना काल में तैयारी करने में परेशानी हुई थी। इस दौरान वह घर पर बने रेंज में ही अभ्यास करता था।
अभियंता पिता ने घर बेचकर घर में बनाया शूटिंग रेंज
मनीष के पिता ने दिलबाग नरवाल ने आर्थिक तंगी के कारण सेक्टर 65 स्थित घर बेचकर अपने तीन बच्चों को अंतरराष्ट्रीय शूटर बनाया। उनका कहना था कि उनके बड़े बेटे मनीष ने 2016 में शूटिंग शुरू की। उस दौरान वह एक निजी कंपनी में अभियंता के पद पर कार्यरत थे। शूटिंग महंगा खेल होने के कारण वह अपना घर करीब 65 लाख रुपये में बेचकर किराए के मकान पर रहने लगे। उसके बाद उन्होंने मकान खरीदा तो घर में ही 10 मीटर का रेंज बना डाला। बड़े बेटे मनीष से प्रेरित होकर उनका छोटा बेटा शिवा नरवाल भी अंतरराष्ट्रीय शूटर बन गया। उन्होंने भी एशियाई खेल के टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता, जबकि बेटी भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
फुटबॉलर बनना चाहते थे मनीष
मनीष नरवाल फुटबॉलर बनना चाहते थे। दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने पिता के सहयोग से शूटर बनने का अपना सपना पूरा किया और शूटिंग में ही करियर बनाया और फिर इस मुकाम पर पहुंचे। मनीष बल्लभगढ़ अग्रवाल कॉलेज के छात्र रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर कॉलेज के छात्र और शिक्षक बहुत उत्साहित हैं। अब कॉलेज प्रबंधन ने फैसला लिया है कि मनीष की उपलब्धि से अन्य युवाओं और पैरा एथलीटों को प्रेरित करेंगे।
खेल रत्न से हो चुके हैं सम्मानित
मनीष नरवाल वर्ष 2022 में खेल रत्न से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने पैरा ओलंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीता था। इसके साथ ही वह वर्ष 2022 में भीम अवार्ड और वर्ष 2018 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं। उनका दावा है कि वह आगे वाली प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।