अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नूंह हिंसा के बाद कई जिलों के अधिकारी बदले गए। उसी क्रम में फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त का भी तबादला किया गया। अब यहां हिसार से स्थानांतरित होकर आए नए पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य ने बुधवार को पदभार संभाल लिया। इस दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त ओपी नरवाल ने उनका स्वागत किया। पुलिस आयुक्त ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका मुख्य फोकस जिले में गहरी होती नशे की जड़ों को उखाड़ फेंकने पर रहेगा। इसके साथ साइबर अपराधों पर लगाम कसने का प्रयास रहेगा। उन्होंने लूटपाट, घूसखोरी सहित विभिन्न मामलों में वांछित चल रहे अपराधियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ऐसे आरोपी स्वयं ही पुलिस के सामने समर्पण कर दें, नहीं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नूंह हिंसा के बाद सरकार की ओर से पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले हुए। जिनमें तत्कालीन पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा का नाम भी शामिल था। उन्हें फरीदाबाद से गुरुग्राम ट्रांसफर करके भेजा गया है। उनके स्थान पर आईजी हिसार रेंज के अधिकारी राकेश कुमार आर्य को फरीदाबाद पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में नशा तस्करी एवं अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ पीड़ित/शिकायतकर्ताओं को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ साइबर व अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए नए सिरे से रूपरेखा तैयार की जाएगी। अच्छी ड्यूटी व लोगों की भलाई का काम कर रहे पुलिस कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बेहतर कार्य के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से किया जा चुका है अलंकृत
नव नियुक्त पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य स्वच्छ छवि के साथ आमजन के कार्यों के लिये समर्पित पुलिस अधिकारी के तौर पर जाने जाते हैं। इनकी प्राथमिकता कानून व्यवस्था एवं शांति बनाए रखने और आमजन की पुलिस से संबंधित समस्याओं का जल्द निवारण करने की रही है। जोखिम व चुनौतीपूर्ण कार्यों में उन्होंने हमेशा सफलता पाई है। बतौर आईजी हिसार रेंज के उनके कार्यकाल के दौरान गृह मंत्रालय द्वारा सराहनीय कार्य व नशा मुक्ति को लेकर चलाए गए अभियान को देखते हुए उन्हें 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह पर राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी अलंकृत किया जा चुका है। वह छह से ज्यादा जिलों में पुलिस अधीक्षक, डीआईजी गुप्तचर व डीआईजी प्रशासन एवं कानून-व्यवस्था के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। आईपीएस की ट्रेनिंग के बाद सबसे पहली नियुक्ति हिसार में हुई थी। इस अवसर पर डीसीपी हेडक्वार्टर हेमेंद्र कुमार मीणा, डीसीपी सेंट्रल पूजा वशिष्ठ, डीसीपी ट्रैफिक अमित यशवर्धन, डीसीपी बल्लभगढ़ राजेश दुग्गल व डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादियान सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।