हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से शुक्रवार को संपन्न 10वीं की गणित की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के बाद निजी स्कूल सहित अन्य विद्यालय संघों ने प्रश्नपत्र को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र में 50 फीसदी से अधिक प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से आए थे।
इसको लेकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रदेश शिक्षा मंत्री और बोर्ड के सचिव के नाम पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर गहनता से चिंतन मंथन करें, ताकि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो सके।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के महासचिव गौरव पाराशर ने बताया कि गणित का प्रश्नपत्र पिछले वर्ष हुए प्री-बोर्ड और उसके बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से भेजे गए सैंपल पेपर से अलग था। प्रश्नपत्र के कुछ कॉन्सेप्ट एनसीईआरटी में स्पष्ट नहीं थे। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रश्नों को हल करने में काफी दिक्कत हुई।
वहीं, निजी विद्यालय प्रबंधकों का कहना है कि गणित के प्रश्नपत्र में लेवल-दो और ओलंपियाड परीक्षा में आने वाले प्रश्न थे। प्रश्नपत्र में करीब 50 फीसदी से अधिक प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से आया थे। ऐसे में कई प्रश्नों के उत्तर लिखने में परीक्षार्थियों को परेशानी हुई है।
ऐसे में विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन फरीदाबाद ने शिक्षा बोर्ड, एनसीईआरटी व हरियाणा के शिक्षा मंत्री से अपील करके दोबारा से परीक्षा कराने या फिर छात्रों को गणित में ग्रेस मार्क्स देने की मांगी की है।