अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हार्डवेयर चौक राजीव कॉलोनी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण चल रहा है। चौथे दिन की कथा में में काशी से पधारे कथा व्यास आचार्य सर्वेश पांडे ने समुद्र मंथन की कथा का वर्णन किया। इस दौरान भक्तों ने धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया। नाचकर मंगल गीत गाए।
कथा व्यास आचार्य सर्वेश पांडे दिति और अदिति के संतानों की कथा सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से कई प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं। सर्वेश ने मत्स्य अवतार कथा के साथ देवी गंगा के अवतरण की कथा सूर्यवंश में विभिन्न राजाओं की कथा सुनाते हुए अंबरीश का चरित्र मुख्य रूप से सुनाया। महाराज सुखदेव कहते हैं कि एक समय अंबरीश ने एकादशी का व्रत रखा था दुर्वासा का आगमन हुआ। भोजन में विलंब होने के कारण दुर्वासा ऋषि नाराज हुए और क्रोध करने लगे। अपने ही द्वारा किए हुए क्रोध की अग्नि में शरीर जलने लगा। भगवान कृष्ण गीता में अर्जुन को यही उपदेश देते हैं मुझे कोई कटु वचन कह दे, तो मैं क्षमा कर देता हूं लेकिन मेरे भक्तों का कोई अपमान कर दे, मेरे भक्तों को कोई कटु वचन कह दे। यह मुझसे बर्दाश्त नहीं होता है। लोगों को इससे प्रेरणा मिलती है कभी अपने मन, वचन और कर्म से भगवान के भक्तों को दुख न पहुंचाएं। यदि किसी भक्त का अपराध भगवान क्षमा नहीं करते। भागवत महापुराण की कथा का एक प्रसंग हमें जीवन जीने के लिए प्रेरणा देता है जिसका भाव उत्तम होता है। वह भागवत की कथा का श्रवण कर पाता है। इस अवसर परसेक्टर-9 से केपी सिंह और अनिरुद्ध सिंह ने कथा व्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया।