- किडनी ट्रांसप्लांट मामले में सभी ने अपना-अपना पक्ष रखा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित मारिंगो क्यूआरजी अस्पताल का किडनी कांड एक बार फिर चर्चा में है। इसे लेकर मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के समक्ष दोनों पक्षों की सुनवाई हुई। जिसमें पीड़ित पक्ष, आरोपी व किडनी ट्रांसप्लांट करने वाले अस्पतालों के डॉक्टर सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में एडीसी के समक्ष पेश हुए और सभी ने एडीसी के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखा। इन्हें रिकॉर्ड किया गया, हालांकि सुनवाई के बाद कोई फैसला नहीं सुनाया गया। अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर 2022 में मारिंगो क्यूआरजी अस्पताल में किडनी कांड का मामला सामने आया था। जिसमें पीड़ित महिला की शिकायत पर सेक्टर-17 थाना पुलिस ने अस्पताल की काॅर्डिनेटर स्वाति, किडनी विभाग प्रमुख डाॅ. श्रीराम कांवरा, नई दिल्ली निवासी तेजेंद्र कुमार, जय प्रकाश, विनोद (किडनी लेने वाला), अंबिका (विनोद की पत्नी) सहित सात लोगों पर मानव अंग प्रत्यारोपण, फर्जी दस्तावेज बनाने का केस दर्ज हुआ था। इस मामले की जांच एडीसी स्तर पर चल रही है।
किडनी कांड में फर्जी दस्तावेज ने निभाई अहम भूमिका
अधिकारियों ने बताया कि किडनी कांड मामले की जांच में फर्जी दस्तावेज ने अहम भूमिका निभाई थी। जांच के दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ था। किडनी डोनेट करने वाली महिला को कागजों में किडनी लेने वाले व्यक्ति की पत्नी बनाया गया था। इसके लिए महिला का फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया। जिसमें उसका नाम अंबिका दिखाया गया। फोटो छोड़ कर फिंगर प्रिंट, रेटिना किसी अन्य व्यक्ति का लगवाया गया। आधार कार्ड बनने के बाद चालाकी से वोटर कार्ड बनवाया गया। जिसके बाद आरोपी तेजेंद्र और जय प्रकाश ने नांगलोई इलाके में एसडीएम कार्यालय में शादी का पंजीकरण करवा दिया। फर्जी कागजों में उसकी उम्र 42 साल दिखाई गई। जबकि, वास्तव में पीड़ित महिला की उम्र 28 साल थी। एडीसी आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि किडनी मामले में मंगलवार को दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। दोनों पक्ष उनके समक्ष पेश हुए। जहां पीड़ित और आरोपियों ने अपना-अपना पक्ष रखा, फिलहाल मामले की जांच जारी है।
ये है पूरा मामला
गांव सौंदहद पलवल निवासी रिंकी ने पति के फेसबुक अकाउंट पर किडनी दान करने की अपील का विज्ञापन देखा था। नासमझी में उन्होंने क्लिक कर दिया था। फोन पर राजा नाम के व्यक्ति ने रिंकी से संपर्क किया था। आरोपियों ने रिंकी के पति की सरकारी नौकरी लगाने का वायदा किया था। झांसे में आकर उन्होंने किडनी देने के लिए हां कर दी थी। रिंकी का आरोप है कि किडनी दिल्ली पश्चिम विहार के रहने वाले विनोद मंगोत्रा नाम के व्यक्ति को ट्रांसप्लांट की जानी थी। नियमानुसार परिवार का सदस्य ही किडनी दान कर सकता है। ऐसे में आरोपियों ने विनोद की पत्नी अंबिका के नाम से रिंकी का फर्जी आधार कार्ड और शादी पंजीकरण प्रमाणपत्र बनवाया था। सेक्टर-16 क्यूआरजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ। इसमें पुलिस केस दर्ज कर संबंधित को गिरफ्तार किया गया था।