अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी 3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में घुटने बदलने की नई तकनीक सॉ बोन और वर्चुअल रियलिटी विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली एनसीआर के 60 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। सेमिनार का शुभारंभ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास और अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल पांडे ने किया। इस मौके पर डीन डॉ. असीम दास ने कहा कि डॉक्टरों को नई तकनीकियों का प्रशिक्षण देना अच्छा कार्य है। वर्कशॉप की अध्यक्षता डॉ. अनिल ढुल ने की।
अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ब्रिजेश कुमार ने बताया कि वर्चुअल रियलिटी नी आर्थ्रोप्लास्टी मॉड्यूल एक शैक्षिक उपकरण है जो की वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीक का उपयोग करके नीचे की जाने वाली घुटने की आर्थ्रोप्लास्टी की प्रक्रिया को सिमुलेट करने में मदद करता है। इस मॉड्यूल में डॉक्टर वीआर हेडसेट पहनकर अपने आप को एक वास्तविक ऑपरेटिंग रूम में महसूस करते हैं, जहां उन्हें आर्थ्रोप्लास्टी की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का अभ्यास करने का अवसर मिलता है। यह मॉड्यूल डॉक्टरों को स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में नई तकनीकों से जुड़ने का मौका मिलता है और उन्हें वास्तविक ऑपरेटिंग रूम की वातावरण में आत्म-विश्वास प्रदान करता है। इस अवसर पर डॉ. दीपक तंवर, डॉ. रजत, डॉ. कृष्ण कुमार और डॉ. विशेष आदि मौजूद रहे।