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Faridabad News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पिलरों पर दिखेगी भारतीय संस्कृति

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पिलरों को सजाने का कार्य शुरू, दिल्ली की दो कंपनियां कर रही चित्रकारी
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एक्सप्रेसवे के 56 पिलरों पर दिखेंगे किसान, फौजी और नई टेक्नोलॉजी के चित्र
हेमलता रावत
बल्लभगढ़। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं दूसरी ओर एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए पिलरों पर चित्र बनाए जा रहे हैं। अभी 1700 मीटर लंबे बीपीटीपी फ्लाईओवर के नीचे 5 से 6 पिलरों पर चित्र बनाए जा चुके हैं। वहीं अन्य पर काम जारी है। यह चित्र दिल्ली की दो कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे हैं। चित्रों बनाने के काम को पूरा करने के लिए करीब 25 से अधिक चित्रकार काम कर रहे हैं।

30 किलोमीटर लंबे बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। अभी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से सीकरी से लेकर गांव मीठापुर तक फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा कर दिया है, लेकिन फ्लाईओवर के ऊपर रिफ्लेक्टर, साउंड बैरियर, स्ट्रीट लाइट आदि का काम चल रहा है। वहीं दूसरी ओर इस एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए चित्र बनाए जा रहे हैं। यह चित्र फरीदाबाद में बने 56 पिलरों के ऊपर बनाए जाएंगे। जिसका कार्य 1700 मीटर लंबे बीपीटीपी फ्लाईओवर के नीचे से शुरू कर दिया है। अभी करीब 5 से 6 पिलरों पर चित्र बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं अन्य पर कार्य चल रहा है।
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दो कंपनी के चित्रकार बना रहे हैं चित्र
डेयेन बायेन कला और आर बी आर कंपनी की ओर से दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के 56 पिलरों पर चित्र बनाए जा रहे हैं। कंपनी के निदेशक राहुल बडगुर्जर ने बताया कि 25 चित्रकार कार्य कर रहे हैं। एक पिलर पर चित्र बनाने के लिए एक दिन का समय लगता है। पहले चित्र का कच्चा रेखाचित्र बनाया जाता है। उसके बाद उस चित्र को पक्का करने के लिए 3 से 4 चित्रकार लगते हैं। कुछ चित्रकार दिन के समय कार्य करते हैं तो कुछ रात के समय। चित्र जलरोधक रंग से बनाए जा रहे हैं।

भारतीय संस्कृति की दिखेगी झलक
56 पिलरों पर भारतीय संस्कृति की झलक के साथ नई टेक्नोलॉजी की चित्रकला देखने को मिलेगी। जिसमें मेट्रो का चित्र, चंद्रयान 2 का चित्र, नई तरह से बनाई जाने वाली सोसाइटी का चित्र, देश भर में लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए फ्लाईओवर, 7 अजूबों का चित्र, दीपावली के त्योहार के चित्र, नई तकनीक से पढ़ाई करते विद्यार्थी का चित्र, खेत में काम करते हुए किसान का चित्र, फूलों की खेती करती हुई महिला का चित्र, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ को बढ़ावा देते हुए कई प्रकार के चित्र, सैनिकों आदि के चित्र बनाए जाएंगे। इसमें से कुछ चित्रों को पिलराें पर बनाया जा चुका है।
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करीब एक महीने के अंदर सभी पिलरों पर चित्र बनाने का कार्य पूरा कर दिया जाएगा। एक चित्र को बनाने के लिए एक दिन का समय लगता है। कुछ चित्रकार दिन के समय कार्य करते हैं तो कुछ रात के समय। कार्य को पूरा करने के लिए दो शिफ्टों में कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। -अभिषेक, पर्यवेक्षक , डेयेन बायेन कला
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