- उपायुक्त ने बैठक ले अधिकारियों को दिए डेंगू से बचाव के इंतजाम कराने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना नदी के साथ लगते बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यमुना का जलस्तर घटने के बाद गलियों व रास्तों में अब भी पानी भरा हुआ है। पानी अधिक दिन से खड़ा रहने के कारण अब जनहित बीमारियां फैलने का खतरा बन गया है। जिसे देख प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है और उन क्षेत्रों में बीमारियों के बचाव के लिए इंतजाम कराने शुरू कर दिए हैं। जिला उपायुक्त ने जहां सिंचाई विभाग को पानी निकासी कराने के इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। वहीं, उन क्षेत्रों में लगातार स्वास्थ्य जांच कराने तथा फॉगिंग कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। साथ ही रविवार को ड्राई डे मनाकर घरों में कूलरों व अन्य चीजों में भरे पानी को खाली कराने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
बीमारियों के बचाव के लिए विशेष इंतजाम कराने के लिए जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने शुक्रवार को स्वास्थ्य, सिंचाई व अन्य संबंधित विभागाें के अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि यमुना से लगते क्षेत्रों में डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को भी जागरूक करें कि तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते का निशान, नाक-मसूड़ों से या उल्टी के साथ रक्तस्त्राव होना और काला मल होने की समस्या बनते ही तुरंत डॉक्टर के पास जांच जांच कराएं। उपायुक्त विक्रम सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे प्रत्येक रविवार को ड्राई डे के रूप मनाएं और पानी के बर्तनों, कूलर, टैन्की, फ्रीज ट्रे, गमले इत्यादि को खाली करके सुखाएं। ताकि मच्छर के अंडे व लारवा मर जाए। वहीं, डेंगू रोकने के लिए घरों के आस-पास गड्ढे को मिट्टी से भरवा दें, पूरी बाजू के वस्त्र पहने, मच्छर रोधी दवा या क्रीम का उपयोग करें।