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Faridabad News: आयकर विभाग ने 400 बैंक खाता धारकों को भेजे नोटिस

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- बैंक खातों में जमा 50 लाख से एक करोड़ तक रुपये, नोटिस का जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नोटबंदी के दौरान बैंकों में लाखों-करोड़ों रुपये जमा करने वाले 400 से अधिक लोगों को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया है। 31 मार्च तक नोटिस का जवाब नहीं देने पर विभाग की ओर से पेनाल्टी समेत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2016-17 से और 2019-20 में सैकड़ों खाता धारकों ने लाखों-करोड़ों रुपये अपने खाते में जमा किए थे, लेकिन आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है। विभाग की प्रारंभिक जांच में ऐसे 400 खाता धारक सामने आए। आयकर रिटर्न फाइल किए बिना ही 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक जमा किए गए। इसका कहीं भी कोई ब्यौरा भी नहीं दिया है। इनमें कई ऐसे खाताधारक हैं, जिन्होंने 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की चल-अचल संपत्तियां खरीदीं और इस बाबत कोई जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी। विभाग ने इन सभी खाता धारकों को नोटिस जारी करते हुए एक माह में जवाब तलब किया है, साथ ही चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब न मिला तो जुर्माने सहित आयकर वसूली के साथ ही आयकर चोरी करने का मामला दर्ज कराया जाएगा।
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8 नवंबर 2016 को हुई नोटबंदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का ऐलान किया था। रात 12 बजे के बाद 500 और 1000 रुपए के नोटों का मार्केट में चलन बंद हो गया था। सूत्राें के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग थे, जिन्होंने मोटी रकम बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर खातों में जमा करा दी। उन्हें इस बात का अहसास नहीं था कि आयकर विभाग उन पर शिकंजा कस सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लोगों को काफी समय दिया गया कि वह खुद विभाग में आकर अपनी आय का जरिया बताएं। उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब विभाग ने ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है।

जवाब देने वालों की हो रही जांच

बैंक खातों में मोटी रकम जमा कराने पर मिले विभाग के नोटिस का जवाब देने वालों के तथ्यों की जमीनी जांच चल रही है। अर्थात जो आय और व्यय दिखाया गया है, उसमें कितनी सच्चाई है। अधिकारियों का कहना है कि सूचना पर संबंधित व्यक्ति की आय का असेसमेंट होता है। असेसमेंट के खिलाफ आयकरदाता को अपील में भी जाने का अधिकार है। इसके बाद उस पर कोर्ट केस चलाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स चोरी के इल्जाम में विभाग संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आयकर अधिनियम 1961 की धारा 271 के तहत पेनाल्टी वसूलता है और धारा 276 के तहत क्रिमिनल केस दर्ज कर कोर्ट में ट्रायल किया जाता है।

खाता धारकों के हर खर्च की हो रही ट्रैकिंग

अधिकारी के अनुसार लोग जो पैसे खर्च कर रहे हैं, उसकी जानकारी आयकर विभाग को होती है। विभाग के पास ऐसा सिस्टम है कि आपके हर खर्च की ट्रेकिंग करता है। फिर चाहे आप कोई सामान की खरीद-फरोख्त कर रहे हों या फिर प्रॉपर्टी अथवा गाड़ियों की।
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जमीन खरीदने व बेचने वालों की मांगी जानकारी

नगर निगम व एचएसवीपी सीमा से 8 से 10 किलोमीटर के दायरे में होने वाली जमीन खरीद-फरोख्त आयकर के दायरे में आती है। फरीदाबाद और पलवल के सभी रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार से उन किसानों की जानकारी मांगी गई है, जिन्होंने जमीन बेचकर और अधिग्रहण का मुआवजा उठाया है।
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