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Faridabad News: फ्लायर गौंछी ड्रेन के सात किलोमीटर पर अवैध कब्जा, गंदगी से जलभराव

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शहर के प्रमुख नालों में शामिल हैं 10 किमी ड्रेन, बरसात का सीजन शुरू, अब तक सफाई नहीं
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अमर उजाला अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक शहर के प्रमुख नालों में शामिल गौंछी ड्रेन की पूरी तरह से सफाई नहीं हो पाई है। करीब 10 किमी लंबी ड्रेन पर सात किलोमीटर हिस्से में अवैध कब्जा है। गंदगी भरी होने से बारिश होने पर लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में गौंछी ड्रेन प्रमुख नालों में से एक है। यह ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र से शुरू होकर नीलम चौक से सेक्टर-52 प्रतापगढ़ सीवर शोधन संयंत्र तक जाता है। इससे आगे यह होडल, हथीन, पलवल होते हुए यमुना में जाकर गिरता है। यदि फरीदाबाद की बात करें तो एनआईटी क्षेत्र में इसकी लंबाई लगभग 10 किलोमीटर हैं।
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नगर निगम के पूर्व मुख्य अभियंता और फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के पूर्व सलाहकार एनके कटारा ने बताया कि एनआईटी में यह नाला नीलम चौक से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि 15 से 20 साल पहले की बात करें तो शहर में कितनी भी बारिश क्यों न हो जाए कभी जलभराव नहीं होता है। बारिश रुकने के चंद मिनट बाद ही पानी नाले से पूरा निकल जाता था। वर्तमान समय में गौंछी ड्रेन की हालत बेहद खराब है। नीलम चौक से बाटा चौक तक नाले के दोनों तरफ एसी नगर की झुग्गियां बस गई। इस कारण नाले की सफाई नहीं होती है और सालों से यह गंदगी के अटा पड़ा है। करीब 10 साल पहले उन्होंने अपने समय में किसी प्रकार जेसीबी की सहायता से अवैध कब्जे हटाकर सफाई कराई थी। ध्यान नहीं देने के कारण इसके बाद से कब्जा बढ़ता गया। पहले नीलम चौक, बीके चौक, एनआईटी एक, दो, तीन, पांच, बाटा चौक, हार्डवेयर चौक का सारा पानी इसी नाले से जाता था। अब इन सभी जगह पर लोगों ने अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया। सबसे ज्यादा खराब हालत बाटा चौक और मुजेसर स्थित ऑटो पिन क्षेत्र की है। उन्होंने कहा कि यदि निगम सभी जगह से कब्जा हटा कर जगह-जगह बंद नाले को दोबारा से खोल दे तो जलभराव की समस्या बिल्कुल खत्म हो जाएगी।

बीके-नीलम चौक नाला सिल्ट से जाम
एनआईटी 5 स्थित बीके-नीलम चौक के बीच सड़क के दोनों तरफ बने नालों की करीब एक साल पहले नगर निगम ने जेसीबी से सफाई कराई थी। लेकिन, यहां भी सफाई कराने के बाद सिल्ट को उठाया नहीं गया। इस कारण वह फिर से नालों में बह गई। दोनों तरफ के नाले गंदगी और कचरे से भरे हुए है। झमाझम बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ेगी।


लोगों से बातचीत
शहर में बारिश के पानी निकासी के कोई खास इंतजाम नहीं है। पुराने नाले बंद कर दिए। कुछ पर लोगों ने कब्जा कर लिया। यदि उन्हें खोल दिया जाए तो बारिश में जलभराव की समस्या खत्म हो जाएगी।
- ताराकांत मंडल, डबुआ कॉलोनी

नगर निगम की तरफ से नए नाले भी जगह-जगह बंद है। इन्हें कहीं जोड़ा नहीं गया। निगम को प्राइवेट एजेंसी को काम सौंप कर इसकी बेहतर मॉनिटरिंग करनी चाहिए, जिससे सभी नाले चालू हो सकें।
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- प्रदीप, एनआईटी निवासी

वर्जन
नालों की सफाई का काम जारी है। पुराने नालों को भी दोबारा खोला जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है। नए नालों को भी आपस में जोड़ने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
- ओमवीर सिंह, अधीक्षण अभियंता, नगर निगम
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