अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के बीच आ रही बिजली की हाइटेंशन लाइनों के चलते एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य धीमा पड़ गया है। समय पर लाइनों के शिफ्ट नहीं होने के कारण प्रोजेक्ट लक्ष्य को तय समय 24 अगस्त को पूरा नहीं कर सका। ऐसे में अधिकारियों ने दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद जताई है।
फरीदाबाद से गुजर रहे बाईपास रोड को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिंक रोड का निर्माण 2021 में शुरू किया गया था। ठेकेदार ने 24 माह में निर्माण पूरा करके एनएचआई को सौंपने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए सभी मुख्य चौराहों पर अंडरपास व फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। वहीं, रोड को चौड़ा कर 12 लेन किया जा रहा है। रोड को चौड़ा करने के लिए एनएचएआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से 70 मीटर चौड़ी जमीन मांगी हुई है। अधिकतर जगहों पर जमीन एनएचएआई काे दे दी गई है और वहां पर रोड को चौड़ा करने का काम चल रहा है। लेकिन, बिजली की हाईटेंशन लाइनों को अभी तक नहीं हटाया गया। यह कार्य ठेकेदार को करना है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे पर 10 लाइनों को शिफ्ट किया जाना है।
इनमें 66 केवी की आठ और 220 केवी की दो लाइनें शामिल हैं। एनएचएआई ने बिजली की इन लाइनों को हटाने के लिए बिजली विभाग से हटाने का अनुरोध किया था। बिजली निगम ने इसके लिए करीब 24 करोड रुपये की डिमांड रखी थी। एनएचएआई ठेकेदार ने करीब छह माह पहले यह राशि बिजली निगम के खाते में जमा करवा दी थी, लेकिन तय समय पर लाइनों को शिफ्ट करने का काम शुरु नहीं किया गया। इसका असर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य पर पड़ा है। बीपीटीपी चौक पर सड़क के बीचों बीच लाइन आने के कारण पिलरों के ऊपर स्लैब रखने का काम भी इसी कारण से रुका हुआ है। यही स्थिति सेक्टर-17 और खेड़ी पुल चौक के पास बनी हुई है।
70 फीसदी काम पूरा हुआ
एक्सप्रेसवे का लगभग 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। कैली से सेक्टर-64 साहूपुर चौक तक फ्लाईओवर बनाकर लोगों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। तिगांव चौक, सेक्टर-17 चौक पर फ्लाईओवर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है, लेकिन सर्विस रोड का काम बेहद धीमा चल रहा है। फरीदाबाद की सीमा में बाईपास सड़क पर जगह-जगह व्हीकल अंडरपास बनाने का काम भी कछुआ गति से जारी है। निर्माण एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि हाइटेंशन लाइनों के टावर एक्सप्रेसवे के रास्ते में आ रहे हैं। इन टावरों को हटाए बिना एक्सप्रेसवे का निर्माण नहीं हो सकेगा। एनएचएआई के अधिकारी हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के अधिकारियों के साथ कई बार बैठक कर लाइन और टावरों को हटाने की मांग कर चुके हैं।