जिले में कुल 64 उम्मीदवारों में से केवल बल्लभगढ़ में 3 महिला प्रत्याशी, केवल कांग्रेस ने दिया एक टिकट
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। अबला, गरीब, मजबूर, बेसहारा का सहारा अपने को बताने वाली राजनीतिक पार्टियां भी आधी आबादी को उनका पूरा हक देने में नाकाम ही साबित हुई हैं। राजधानी के सबसे नजदीक शहर फरीदाबाद की राजनीति में महिलाओं की दशा इतनी खराब है कि छह में से पांच सीटों पर एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। बड़ी राजनीतिक पार्टियों में केवल कांग्रेस पार्टी की एक प्रत्याशी को छोड़ दें तो भाजपा, इनेलो, आप, जजपा, बसपा समेत किसी भी पार्टी ने एक भी सीट पर महिला उम्मीदवार को चुनावी मैदान में नहीं उतारा है।
जिले में छह विधानसभा सीटों पर कुल 64 प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। खासकर महिला हक की बात करने वाली राजनीतिक पार्टियों ने इनमें से महिलाओं को टिकट देने में गजब की कंजूसी दिखाई है। वह भी तब जब जिले की छह विधानसभाओं में 8 लाख 17 हजार 545 मतदाता महिला हैं। यदि कुल मतदाताओं में देखे तो मतदान में करीब 45 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी है। इसके बावजूद जिले से 64 उम्मीदवारों में से मात्र तीन ही महिलाएं हैं।
विधानसभावार यदि देखें तो बड़खल विधानसभा क्षेत्र में 9 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। पृथला विधानसभा क्षेत्र में कुल 13 उम्मीदवारों में एक भी महिला प्रत्याशी पर किसी पार्टी ने भरोसा नहीं जताया है और न ही कोई महिला निर्दलीय प्रत्याशी है। फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के 8 प्रत्याशियों में एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में भी 13 प्रत्याशियों में एक भी महिला उम्मीदवार नहीं है। इसी तरह तिगांव विधानसभा क्षेत्र में भी 13 में से एक भी प्रत्याशी महिला नहीं है। इकलौते बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र में तीन महिलाएं चुनावी मैदान में उतरीं हैं। इनमें से एक कांग्रेस पार्टी से पराग शर्मा हैं। पराग शर्मा अधिवक्ता हैं। इनके पिता इसी सीट पर पहले विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा दो महिला प्रत्याशी निर्दलीय हैं। इनमें से एक शारदा राठौड़ दो बार 2005 और 2009 में कांग्रेस पार्टी से विधायक रह चुकी हैं। इसके अलावा इस सीट पर वंदना सिंह भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
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बल्लभगढ़ और बड़खल विधानसभा क्षेत्र से महिलाएं बन चुकी हैं विधायक
बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र से अब तक दो महिलाएं पांच बार विधायक बन चुकी हैं। कांग्रेस के टिकट पर वर्ष 1968, 1972 और 1982 में शारदा रानी तीन बार विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। 2005 और 2009 में कांग्रेस की ही टिकट पर शारदा राठौड़ दो बार विधायक चुनीं गईं। वर्ष 2014 और 2019 विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीमा त्रिखा बड़खल विधानसभा क्षेत्र से विधायक रही हैं। वह निवर्तमान विधायक भी हैं। हालांकि, इस चुनाव में पार्टी ने उनका टिकट काट दिया।
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मतदाताओं ने भी महिलाओं को कम ही दिए वोट
पृथला विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2009 में निर्मला पांचाल ने हरियाणा जनहित कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। इन्हें पांचवें स्थान पर कुल 684 मत मिले थे। फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र से सुमनलता वशिष्ठ ने वर्ष 2014 में चुनाव लड़ा था। वह 1445 मतों के साथ छठवें स्थान पर रहीं थीं। इस चुनाव में पांचवां स्थान नोटा काे हासिल हुआ था। नोटा को 1754 मत मिले थे। हालांकि, पृथला विधानसभा क्षेत्र से शशि बाला तेवतिया ने इनेलो से चुनाव लड़ा था। 19.39 प्रतिशत के साथ कुल 19,382 मत मिले थे। यह तीसरे नंबर पर रहीं थीं।
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सीट कुल प्रत्याशी महिला
पृथला 13 0
बड़खल 9 0
फरीदाबाद 8 0
एनआईटी 13 0
बल्लभगढ़ 8 3
तिगांव 13 0
कुल प्रत्याशी: 64 महिला प्रत्याशी: 3