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Faridabad News: बारिश से खराब फसलों की गिरदावरी न होने से किसानों में रोष

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-खेतों में कटी पड़ी फसल को हुआ है सबसे ज्यादा नुकसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। एक सप्ताह से रूक-रूक कर हो रही बारिश से खराब हुई फसलों की अभी तक गिरदावरी शुरू न कराए जाने से किसानों में रोष बना हुआ है। इस बेमौसम की बारिश से किसानों का आरोप है कि न तो उनकी फसल की गिरदावरी कराई जा रही है और न ही कोई संतोषजनक जवाब मिल रहा है। किसानों का कहना है कि वह इस मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे।

खेतों में कटी फसल को भी काफी नुकसान
बारिश से खेतों में कटी जौ ,गेहूं और सरसों की फसल के अलावा पककर खड़ी गेहूं और दलहनी फसलों के साथ-साथ सब्जी सब्जी आदि की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि बेमौसम बारिश से जहां गेहूं की फसल के दाने काले पड़ जाएंगे तो वहीं जो फसल कट कर खेत में पड़ी है, उनमें सड़न पैदा हो जाएगी। यही हाल सरसों की फसल के साथ भी है, उसमें सड़न के साथ-साथ सरसों के दाने खेत में ही झड़ जाएंगे। जिससे एक चौथाई फसल भी घर नहीं पहुंच सकेगी। किसानों ने बताया कि कई किसान रबी की फसल की कटाई कर खलिहान में जमा भी नहीं कर पाए हैं, वह खेतों में भींगकर खराब हो रही है। सबसे बड़ी समस्या तो फसल बेचने की है, क्योंकि जो गेहूं व दलहन की फसल भींग चुकी है, उनमें कालापन आ जाएगा। जिसको मंडी में भी कोई व्यापारी नहीं खरीदेगा, जिससे किसानों को लागत मूल्य निकालना भी असंभव होगा।
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मानसून के मौसम में बिन बरसात फसल सूखी रह गई और अब बेमौसम की बरसात ने हम किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों को सरकार द्वारा समय पर खाद व बीज उपलब्ध नहीं होता पर बेमौसम बरसात ने किसानों को बर्बाद कर दिया।
-धर्मवीर किसान सौन्दहद

कृषि विभाग के अधिकारी बीमा कंपनी के सर्वेयरों के साथ मिलकर किसानों का आर्थिक शोषण करते हैं । किसान जब उपनिदेशक के पास किसी प्रकार की शिकायत लेकर जाते हैं तो वह शिकायत सुनने की बजाय नसीहत देकर कार्यालय से बाहर का रास्ता दिखा देते हैं।
-मनोज सौरोत किसान होडल

इस बार सरसों की फसल में कोई रोग नहीं होने के कारण अच्छी पैदावार हुई है। अपने बच्चों को अच्छे निजी स्कूल में गुणवत्ता की शिक्षा दिलाऊंगा लेकिन बेमौसम बरसात ने हम किसानों की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया, अब कुछ नहीं बचा ।
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-रामनारायण किसान खाम्बी
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सरकार द्वारा ई क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू किया गया था, लेकिन गांव में नेटवर्क समस्या व अन्य समस्या होने के कारण हम किसान पोर्टल पर अपनी फसल की क्षतिपूर्ति नहीं दर्ज करा पाए और सरकार ने पोर्टल बंद कर दिया। अब कृषि विभाग के अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं। फसल नुकसान खराब के लिए शिकायत दी लेकिन आज तक कोई बीमा कंपनी का सर्वेयर खराब फसल का सर्वे करने नहीं आया है।
-गिर्राज किसान होडल
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