फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: पॉलिसी मैच्योरिटी का पैसा दिलाने के नाम पर 27 लाख की ठगी

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फरीदाबाद। साइबर ठगों ने जीवन बीमा की पॉलिसी मैच्योरिटी (परिपक्वता राशि) का पैसा दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 27 लाख रुपये की ठग लिया। आरोपियों ने पैसा दिलाने के लिए प्रोसेस फीस के नाम अपने अलग-अलग खातों में पैसे जमा करा दिए, जिससे की किसी को जल्द ही ठगी का शक न हो। साइबर सेंट्रल थाना ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
मूलरूप से केरल निवासी प्रदीप चुरुकार्डु पिशारोडी ने बताया कि परिवार समेत ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-81 स्थित वीआइपी फ्लोर सोसाइटी में रहते हैं। गुरुग्राम की एक कंपनी में एकाउंटेंट हैं। उन्होंने साल 2011 में जीवन बीमा कंपनी से 11-11 लाख के दो और ढाई-ढाई लाख रुपये तीन-तीन बीमा पालिसी ली थी। इनकी मैच्योरिटी अवधि 20 वर्ष है। दोनों पॉलिसी ऑनलाइन कराई थी। अप्रैल 2023 में उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम बलराज कौर बताया। उसने पीड़ित को पाॅलिसी मैच्योरिटी का पूरा पैसा दिलाने का झांसा दिया। विश्वास दिलाने के लिए कि वह सही व्यक्ति है और कंपनी का एजेंट है। इसके लिए बलराज कौर ने वाट्सएप नंबर के साथ अपना आईडी कार्ड फोटो भी पीड़ित को भेजी। जानकारी लेने के बाद 15 मई 2023 को बलराज कौर ने फोन करके बताया कि उसका तबादला मुंबई हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे में उन्हें देवेंद्र मिश्रा और अरविंद श्रीवास्तव से बात करनी होगी। इसके बाद इन दोनों से बात होने लगी। दोनों ने पॉलिसी मैच्योरिटी के पैसे दिलाने के एवज में प्रोसेस फीस की मांग की और पैसा चार बैंक खाते भेज दिया। इसके बाद दोनों ने अपने सीनियर से बात कराई। आरोप है कि 24 अप्रैल से 14 जुलाई 2023 तक आरोपियों ने पॉलिसी मैच्योरिटी दिलाने का झांसा देकर प्रोसेस फीस के नाम करीब 27 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराए। जब पैसे नहीं मिले तो उन्हें शक हुआ। पहले आरोपी टालते रहे और बाद में मोबाइल बंर कर लिया। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें