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लीड बाढ़ का कहर : 16 रिहायशी क्षेत्रों में दोबारा लोगों को घर छोड़ने की चेतावनी

Mon, 24 Jul 2023 11:09 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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- फिर से छोड़ा यमुना में पानी, खतरे के निशान से दो फुट नीचे
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- रिहायशी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से बाहर निकलने की अपील
- मुनादी के द्वारा पशुओं और सामान सुरक्षित बाहर ले जाने के आदेश
- पानी आने पर रिहायशी क्षेत्रों की बिजली काटने के निर्देश
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना में जलस्तर बढ़ने पर पिछले दिनों आई बाढ़ से हुए नुकसान से लोग अभी उभरे नहीं थे कि फिर से यमुना में जलस्तर बढ़ने लगा है। हथिनी बैराज कुंड से फिर करीब ढाई लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर खतरे के नीचे से करीब दो फुट नीचे पहुंच गया है। फिर से जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। यमुना से लगते 16 इलाकों में रहने वाले लोगों को घरों को खाली करने के निर्देश दे दिए हैं। प्रशासन को अंदेशा है कि यदि पानी ऐसे ही छोड़ा जाता रहा तो फिर से रिहायशी क्षेत्रों में पानी भर सकता है। ऐसे में प्रशासन से बाढ़ की स्थिति से निपटने के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।
वहीं, यमुना में जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही बसंतपुर, अमीपुर, किडवा, ददसिया सहित 16 रिहायशी क्षेत्रों में बने मकानों में रहने वाले लोगों ने फिर से घरों को खाली करना शुरू कर दिया है। इस बार लोग पहले से ही घरों में से उन सभी जरूरी सामान को निकालने लगे हैं, जिनका पानी भरने से खराब होने का खतरा अधिक है। टेलीविजन, फ्रिज व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों को घरों से निकालकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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प्रशासन ने तैनात किए अधिकारी
जिला प्रशासन भी यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद की स्थिति से निपटने को तैयार हैं। सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारियों को यमुना से लगते क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। वहीं, रेडक्राॅस सोसायटी ने राहत शिविरों में लोगों के लिए खाने, पीने व रहने के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात
जिला प्रशासन के आदेश पर यमुना से लगते क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात कर दी गई हैं। एंबुलेंस तथा मोबाइल मेडिकल वैन भी यमुना से लगते क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन ने फिर से बाढ़ आने पर कोई नुकसान न हो उसके लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को वहां नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एडीएम, तहसीलदार और पटवारियों ने भी अपना-अपना मोर्चा संभाल लिया है।
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पिछले नुकसान की गिरदावरी कार्य भी चल रहा साथ-साथ
उधर पिछले दिनों बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गिरदावरी का कार्य भी साथ-साथ कराया जा रहा है। राजस्व विभाग की तरफ से पटवारियों द्वारा गिरदावरी कराई जा रही है कि कहां कितना नुकसान है। सरकार की तरफ से भी आदेश दिए जा चुके हैं कि जल्द से जल्द गिरदावरी कराई जाए, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों को नुकसान का मुआवजा दिया जा सके।

पानी आते ही बिजली काटने के आदेश
यमुना में फिर से पानी यदि रिहायशी क्षेत्रों में भरता है तो बिजली विभाग को तुरंत बिजली काटने के आदेश जारी हो चुके हैं। आदेश हैं कि जैसे ही पानी रिहायशी क्षेत्रों में आए तो तुरंत बिजली काट दी जाए। उससे पहले घरों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाला जाए, ताकि बाढ़ आने पर कोई उसमें फंसे नहीं।
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पानी की लाइनों को भी ठीक कराने के निर्देश
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद जेसीबी द्वारा सड़कों की मरम्मत करते समय क्षतिग्रस्त हुई पानी की पाइप लाइनों को दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को दूषित पानी न पीना पड़े।
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पशुओं को भी बाहर निकालने के आदेश
यमुना से लगते क्षेत्रों में पशु पालकों को भी मुनादी के द्वारा पशुओं को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के आदेश दिए गए हैं कि बाढ़ का खतरा बनने पर पशु उसमें न फंसे तथा पशु पालकों को पहले की तरह नुकसान न हो।
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