फरीदाबाद में बहुचर्चित हिंदी फिल्म हेराफेरी की तर्ज पर लोगों को कम समय में पैसा डबल करने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना सेंट्रल टीम ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने फरीदाबाद निवासी एक 91 साल के बुजुर्ग से 80 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की थी। आरोपियों ने और भी कई वारदातों को अंजाम दिया है जिसकी जांच चल रही है। आरोपी आरबीआई, सेबी, इनकम टैक्स तथा बैंक के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों के पैसे डबल करने की बात कहते थे।
डीसीपी सेंट्रल पूजा वशिष्ठ के निर्देश पर साइबर थाना सेंट्रल प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश व उनकी टीम ने गिरोह के सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी हनी, अंकित तथा सुमंत व नोएडा निवासी अमित और गाजियाबाद निवासी अजय के रूप में हुई है। 11 अप्रैल 2023 को साइबर थाने में इंडियन ऑयल के रिटायर्ड कर्मचारी यशदेवपुरी (91) ने शिकायत दी कि 2021 से 2023 के बीच में आरोपियों ने उनके 80.43 लाख रुपए हड़प लिए।
बुजुर्ग घर में अकेले रहते थे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। डीसीपी सेंट्रल पूजा वशिष्ठ ने थाना प्रभारी सतीश यादव के नेतृत्व में एसआई बाबूराम, एएसआई धर्मेन्द्र सिंह , हवलदार देवेन्द्र कुमार, दिनेश, वीरपाल , महिला हवलदार अंजू, सिपाही कर्मवीर, अजय व परमिंदर की टीम का गठन किया। टीम ने मात्र एक सप्ताह में गिरोह के 3 सदस्यों अंकित, अमित व हनी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। आरोपियों की जानकारी के आधार पर आरोपी अजय तथा सुमंत को भी गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया की आरोपी लोगों के साथ पैसा डबल करने के नाम पर धोखाधड़ी करते हैं। आरोपी सेबी, आरबीआई, इनकम टैक्स विभाग व बैंक अकाउंट के फर्जी दस्तावेज बनाकर वट्सअप पर भेजते थे। कम समय में पैसा डबल करने के लालच में व्यक्ति जीवन भर की पूंजी ठगों को दे बैठता है। पैसे मिलने के बाद आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे ऐंठते रहते हैं। आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल, 11 सिम कार्ड तथा 1.40 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद आरोपी अंकित, अमित तथा हनी को जेल भेज दिया गया। आरोपी सुमंत तथा अजय को रिमांड पर लेकर अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी ली जा रही है।