- टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी और मुंबई पुलिस बनकर महिला डॉक्टर को किया डिजिटल अरेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। महिला डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने मुंबई पुलिस बनकर महिला डॉक्टर को पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा और 11 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने महिला डॉक्टर को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथाॅरिटी का कर्मचारी और मुंबई पुलिस बनकर धमकाया। डॉक्टर के नाम एक मोबाइल सिम का उपयोग कर फर्जी एड करने और लोगों को प्रताड़ित करने के 26 मामलों की शिकायत होने का आरोप लगाकर स्काईप पर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। ठगों ने धनराशि बाद में रिफंड करने का झांसा देकर खाते में ट्रांसफर करा लिया। साइबर थाना एनआईटी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एनआईटी क्षेत्र निवासी महिला डॉक्टर विनीता अवस्थी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 8 अगस्त की दोपहर लगभग ढाई बजे एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को मुंबई स्थित टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया कार्यालय का कर्मचारी बताया। उसने धमकी दी कि डॉक्टर का मोबाइल नंबर और खाता 2 घंटे में सीज हो जाएगा। ठगों ने बताया कि उसके खिलाफ मुंबई में एफआईआर दर्ज की जा रही है। डॉक्टर विनीता ने कारण पूछा तो बताया कि उसके नाम पर रजिस्टर्ड एक सिम 2 जून को मुंबई से एक्टिव हुआ। इस नंबर के खिलाफ फर्जी ऐड और प्रताड़ना की 26 शिकायतें हैं। फिर कॉल मुंबई पुलिस को ट्रांसफर करने की बात कही तो महिला डॉक्टर ने विश्वास नहीं किया।
आरोपी ने नाम और एम्पलाई आईडी बताते हुए कॉल मुंबई पुलिस को ट्रांसफर कर दी। पुलिसकर्मी बनकर बात करने वाले ने महिला को स्काइप पर 8 से 12 अगस्त तक धमकी और वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट करके रखा। महिला से कहा गया कि जांच में सहयोग नहीं किया घर से अरेस्ट करना पड़ेगा। महिला डॉक्टर मूलरूप से नेपाल की निवासी हैं। आरोपियों ने आधार कार्ड और पासपोर्ट की डिटेल ले ली। इसके बाद 12 अगस्त को साढ़े 3.50 लाख और 8 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। साइबर क्राइम थाना एनआईटी ने शिकायत पर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।