फरीदाबाद। जिले में निजी स्कूल संचालक खेल नर्सरियों के प्रति विशेष रुचि नहीं दिखा रहें है। अभीतक एथलेटिक, वालीबॉल, रेसलिंग, बॉक्सिंग और कबड्डी के प्रति रुचि दिखा रहें है। बीते 15 दिनों में मात्र 10 स्कूल संचालकों ने खेल नर्सरियों को शुरु करने के आवेदन आए है। जबकि आवेदन करने की अंतिम तारीख में मात्र 10 दिन शेष है। जानकारी के अनुसार जिले में प्रत्येक खेलों की दो-दो नर्सरियों को शुरू करने की योजना है। जिससे की ग्रामीण स्तर पर भी बेहतरीन खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें निखारा जा सकें।
20 जनवरी तक मांगे गए है आवेदन जिले के सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में करीब एक दर्जन से अधिक खेलों का खेल नर्सरियों को अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके 20 अप्रैल तक आवेदन मांगा गया है। विभाग की ओर से आवंटित खेल नर्सरियों में 25 खिलाड़ियों को ट्रायल के आधार पर चुन कर प्रशिक्षित किया जाएगा।
तीन प्रकार की होगी खेल अकादमी=
विभाग की तरफ से तीन प्रकार की खेल अकादमी और खेल नर्सरियों को शुरू करने की योजना है। पहली खेल नर्सरियां जहां खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करने के लिए आएंगे। दूसरी खेल नर्सरी में अवासीय होगा, जिनमें खिलाड़ी सुबह-शाम अभ्यास करेंगे और रात को वहीं रहेंगे। खिलाड़ियों के रहने और खाने-पीने की सुविधा खेल अकादमी में की जाएगी। तीसरी डे-बोर्डिंग जिसमें खिलाड़ी सुबह से शाम तक खेल अकादमी में रहेंगे और शाम होते ही अपने घर जाएंगे।
मांगी जा रही है जानकारी=
खेल नर्सरी खोलने के लिए खेल विभाग की तरफ कुछ जानकारियां मांगी गई हैं। इनमें खेल प्रशिक्षक का नाम, खेल का नाम, खेल केंद्र की जगह, खेल केंद्र पर खिलाड़ियों की संख्या, खेल केंद्र पर मैदान और अन्य सुविधाएं, खेल का क्या-क्या सामान उपलब्ध है।
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खेल निदेशालय की तरफ से खेल नर्सरी और डे-बोर्डिंग खेल अकादमी को शुरु करने के लिए आवेदन मांगे गए है। इसके लिए स्कूल संचालकों से आवेदन मांगे गए है। अभीतक करीब 10-12 स्कूल संचालकों ने आवेदन किया है। इसमें भी सभी खेलों के लिए आवेदन नहीं आएं
जगवीर सिंह, जिला खेल अधिकारी