दिपांशु के मुताबिक, कार में 5-6 युवक नशे में धुत्त हालत में बैठे हुए थे। शिवकुमार की बात से कार सवार नाराज हो गए और शिवकुमार व दिपांशु के साथ मारपीट करने लगे। दो युवकों ने सड़क किनारे से ईंट-पत्थर उठाकर उनपर हमला कर दिया। दिपांशु ने मदद के लिए शोर मचाया। ये देख आरोपियों ने उन्हे पकड़कर धुन डाला और शिव कुमार को सड़क पर धक्का दे दिया। झटके के साथ शिव कुमार पीछे की तरफ गिर गए और सिर धड़ाम से सिमेंटेड सड़क पर जा टकराया। गहरी चोट से शिव बेहोश हो गए। आरोपी उन्हें मरा समझ कर भाग गए।
दिपांशु ने फोन कर परिजनों को मामले की सूचना दी। परिजनों ने शिव को अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार तड़के इलाज के दौरान शिव की मौत हो गई। थाना सारन प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश ने बताया डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बेटी ने फोन पर कहा था ठंड ज्यादा है संभलकर आना
शिवकुमार अपने पीछे चार बच्चों को छोड़ गए हैं। इसमें दो बेटी व दो बेटे हैं। दिपांशु एक दिन पहले ही बहन के घर मिलने के लिए आया था। शुक्रवार को दिपांशु अपने जीजा शिवकुमार के साथ वर्कशॉप में चला गया था। दिपांशु ने बताया काम से लौटने में देर होती देख बेटी ने शिव के मोबाइल पर फोन कर कहा था कि ठंड बढ़ रही है। बाइक पर संभल कर घर आना।
उन्होंने बताया कि बेटी की नसीहत के चलते शिव अपनी बाइक काफी ध्यान से चला रहे थे। दूर से ही आरोपियों की गाड़ी को देख उन्होंने बाइक किनारे पर उतार दी थी। यही नसीहत वे कार सवारों को दे रहे थे जो शिव की मौत का कारण बन गई। शिवकुमार की मौत के बाद परिजनों ने सारण थाना के सामने कुछ देर के लिए जाम लगा दिया। विरोध-प्रदर्शन के साथ आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझाकर शांत किया।