फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 354 किया गया दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में दो दिनों से रुक-रुक हो रही बारिश से 10 दिन बाद प्रदूषित हवा में मामूली सुधार हुआ। शुक्रवार को यह ''''खतरनाक'''' श्रेणी से ''''बहुत खराब'''' श्रेणी में आ गई। हालांकि अब भी स्मार्ट सिटी रेड जोन में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से जारी सूची के अनुसार फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह 11 बजे 354 दर्ज किया गया। जिससे दिनभर लोगों को गले में खराश और सांस लेने में समस्या से जूझना पड़ा।
सप्ताह की शुरुआत में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया था। हवा की गति थम जाने, निर्माण कार्य जारी रहने और सड़कों पर धूल मिट्टी के साथ डीजी सेट चलने से प्रदूषित कण एक जगह इकट्ठा होने लगे थे, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर लगातार बढ़ रहा था। कई दिनों तक शहर का एक्यूआई 450 से ऊपर बना रहा। सुबह व शाम आसमान में स्मॉग भी छाया रहा। इससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई व आंखों में जलन की समस्या भी हुई।
बृहस्पतिवार को रात में और शुक्रवार सुबह हुई हल्की बारिश होने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक में मामूली सुधार देखने को मिला है। बारिश से प्रदूषित कण जमीन पर आ गए और एक्यूआई 323 पर पहुंच गया। बृहस्पतिवार की तुलना में शुक्रवार को फरीदाबाद का एक्यूआई 87 अंक कम दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 323 दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 7 गुना अधिक है। अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सेक्टर 16 क्षेत्र में 356, एनआईटी क्षेत्र में 355, सेक्टर 30 में 304, सेक्टर 31 क्षेत्र में 276 एक्यूआई दर्ज किया गया। बल्लभगढ़ क्षेत्र की हवा इनकी तुलना में कुछ साफ रही। यहां का एक्यूआई 221 दर्ज किया गया।
वर्जन
बारिश के बाद प्रदूषण में एक साथ कमी नहीं आता है। इसका असर 12 से 14 घंटे में देखने को मिलेगा। प्रदूषण नियंत्रण के लिए जो भी नियम लागू किए गए हैं। उनका सख्ती से पालन किया जा रहा है। विभाग की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी रखे हुए हैं।
- संदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी