- सेक्टर-58 थाना पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साले को कोर्ट केस में फंसाने के लिए एक युवक ने थाना सेक्टर-58 में ट्रक लूट की शिकायत दी। थाना प्रभारी अनूप कुमार की टीम ने जांच में मामला झूठा पाया। जांच के बाद पुलिस ने झूठी शिकायत देने पर दो आरोपियों के खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई की है।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि 21 जून को इशराक नाम के व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि दो व्यक्ति उसका ट्रक लूटकर ले गए हैं। पुलिस टीम सूचना मिलते ही बांके बिहारी चौक पर पहुंची। पुलिस ने जांच के दौरान ट्रक को गांव धौज से बरामद कर लिया। ट्रक ले जाने वाले व्यक्ति इकबाल ने पूछताछ में बताया कि कोई लूट नहीं हुई है, यह ट्रक उसी का है। जांच के दौरान ट्रक का पंजीकरण भी इकबाल के नाम पर ही मिला। पुलिस ने शिकायतकर्ता इशराक से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। इशराक ने बताया कि उसने शब्बीर के कहने पर ट्रक लूट की झूठी सूचना पुलिस को दी थी। दरअसल इकबाल आरोपी शब्बीर का साला है। इकबाल ने अपना ट्रक शब्बीर को चलाने के लिए दे रखा था। इधर शब्बीर ने इशराक को ट्रक का चालक रख लिया। इकबाल और शब्बीर (जीजा-साला ) का आपस में पैसों का लेनदेन था। शब्बीर ने योजना के तहत ट्रक वापस अपने साले इकबाल को दे दिया और इशराक के साथ मिलकर पुलिस को ट्रक लूट की सूचना दे दी। आरोपी चाहते थे कि शब्बीर अपने ही ट्रक के लूट के आरोप में फंस जाए। पुलिस जांच में सच सामने आ गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ झूठी सूचना देने पर धारा 182 के तहत कार्रवाई की है। शुक्रवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि झूठी शिकायत देने से निर्दोष व्यक्ति को मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि इस तरह की झूठी शिकायत देने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूर की जाए। 2023 जनवरी से अब तक पुलिस ने झूठी शिकायत देने वालों के खिलाफ 36 केस दर्ज किए हैं।