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Faridabad News: कर्मचारियों ने मंडल आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले नूंह, पलवल और फरीदाबाद के सैकड़ों कर्मचारियों ने शुक्रवार को मैगपाई काम्प्लैक्स मथुरा रोड से सेक्टर-16 तक रोष प्रदर्शन किया और मंडल आयुक्त को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार मांगे नहीं मानेगी तो बड़ा आंदोलन करेंगे।
सुबह काफी संख्या में कर्मचारी मैगपाई के नजदीक एकत्रित हुए। इसके बाद देक्टर-16 मंडल आयुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए गए। नूंह के प्रधान योगेश दीक्षित, पलवल राजेश शर्मा, फरीदाबाद करतार जागलान की अध्यक्षता में बोर्ड, निगम, स्कूल-कॉलेजों, रोडवेज, नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, हुड्डा, बिजली, जनस्वाथ, स्वास्थ्य विभाग के काफी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। जिसका नेतृत्व राज्य प्रधान धर्मवीर फोगाट व राज्य वरिष्ठ उपप्रधान नरेश शास्त्री ने किया। इस प्रदर्शन के बाद मंडल आयुक्त विकास यादव को मुख्यमन्त्री के नाम 15 सूत्रीय मांगपत्र का ज्ञापन दिया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान धर्मवीर फोगाट व वरिष्ठ उपप्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि इन मांगों को लेकर सभी विभागों के कर्मचारियों को मिलकर पूरी जानकारी दी गई है। वह कर्मचारियों की मांगों को लेकर आम जनता में भी जाएंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। अभी कर्मचारी सरकार को चेतावनी दे रहे हैं। बाद में बड़ा कदम उठाया जाएगा। इस मौके पर सीटू के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह डंगवाल, युद्धवीर सिंह खत्री, पलवल के सचिव योगेश शर्मा, सुनील चंडालिया, बीरेन्द्र सिंह सोरोत, रामचरण पुष्कर, कृष्ण कुमार, राजबेल देशवाल, मुकेश बेनीवाल, सुरेश देवी, पवन रावत, हरेकश सोरोत, देवी सिंह, धर्मेंद्र सिंह व देवेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की मांगे
लेबर कोड रद्द करने व श्रम कानून को सख्ती से लागू करने, न्यूनतम वेतन 26000 रुपये करने, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण वापस लेने, कौशल रोजगार निगम खत्म करने, योजना कर्मियों सहित सभी अस्थाई कर्मियों को पक्का करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, सरकारी विभागों के दो लाख रिक्त पदों को भरने, ठेका प्रथा समाप्त करने आदि मांगे शामिल हैं। इसके साथ ही समान काम समान वेतन लागू करने, मनरेगा में 200 दिन काम और 600 रुपए मजदूरी देने, निर्माण श्रमिक बोर्ड समेत अन्य श्रमिक बोर्ड के तहत पंजीकरण व सुविधाएं देने, परिवारों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्थागत गारंटी करने, सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए आवास की गारंटी के लिए नीति बनाई जाए। बच्चों के दाखिले और श्रम कल्याण बोर्ड से श्रमिक लाभ प्राप्ति के लिए परिवार पहचान पत्र की गैर कानूनी शर्त हटाई जाए और सभी के लिए सम्मानजनक पेंशन का अधिकार मिले। कर्मचारी पेंशन स्कीम 1995 के तहत मिल रही पेंशन को तिगुना करने व सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांगे शामिल हैं।
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