संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। शासन ने प्रदेश के 265 मार्गों पर निजी बसों को चलाने के लिए अनुमति देने का निर्णय लिया गया। जिसके चलते सांझा मोर्चा हरियाणा रोडवेज कर्मचारी द्वारा दो दिवसीय पूंजीपतियों हितैषी पॉलिसी के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिसमें डिपो में आने वाले यात्रियों के अलावा कर्मचारियों ने भी हस्ताक्षर करके इसका विरोध किया।
सांझा मोर्चा का कहना है कि बस अड्डों पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रदेश की जनता को बताया जा रहा है कि उनकी सस्ती व सुरक्षित सरकारी रोडवेज परिवहन सेवा को सरकार निजी हाथों में देकर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाना चाहती हैं। इससे पहले भी पूर्व की सरकारों द्वारा प्राइवेट बस परमिट दिए गए थे। निजी बस को चलाने से जहां एक ओर सरकार के राजस्व में कमी आएगी। दूसरी ओर, यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेवारी कौन लेगा। इस हस्ताक्षर अभियान को पूरा होने के बाद यह पत्र मुख्यमंत्री मनोहर लाल को घेराव के दौरान दिया जाएगा। सांझा मोर्चा की ओर से बताया गया कि सरकार द्वारा इस पॉलिसी के तहत प्राइवेट बस परमिट तो दे दिए हैं लेकिन छात्र-छात्राओं व आम जनता को रोडवेज द्वारा दी जा रही सुविधाएं बसों में नहीं दी जाती हैं। उनके द्वारा आंदोलन करके जनसंख्या अनुसार सभी जिलों में सरकारी बसों में बढ़ोत्तरी की जाए। जिससे हजारों बेरोजगार युवकों को रोजगार मिलेगा ओर सरकार के राजस्व की भी बढ़ोत्तरी होगी। इस दौरान सांझा के प्रधान सोनू नागर, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान जयवीर राठी, क्लर्क स्टाफ के प्रधान सुनील शर्मा, सचिव वीरेंद्र और वरिष्ठ उपप्रधान भगवान लाठर उपस्थित रहे।