फरीदाबाद। प्रदेश सरकार भू-जल स्तर गिरने से बचाने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना पर ज्यादा जोर दे रही है। इसमें जो किसान धान की बजाय वैकल्पिक फसल जैसे मक्का, कपास, अरहर, अरंड, मूंग, ग्वार, तिल, मूंगफली, मोठ, उड़द, सोयाबीन व चारा और फल-सब्जी की पैदावार करेंगे, उन्हें सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डाॅ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि जिस किसान ने पिछले वर्ष 2022 में धान की खेती की थी, लेकिन इस वर्ष खेत खाली छोड़ता है, तो वह भी इस स्कीम के लाभ का हकदार माना जाएगा। यदि किसी किसान ने पिछले वर्ष फसल विविधिकरण के अंतर्गत खरीफ 2022 में मेरा पानी-मेरी विरासत के तहत प्रोत्साहन राशि ली है और खरीफ 2023 में भी फसल विविधिकरण करता है, तो इस स्कीम के तहत लाभ का पात्र माना जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत किसान हिदायतों के अनुसार वैकल्पिक फसल की बुआई करने पर ही सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्राप्त कर सकता है, जिसके लिए उसे मेरी फसल-मेरा ब्योरा के पोर्टल पर मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत 31 जुलाई 2023 तक पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। ब्यूरो