संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव असावटी के रहने वाले 64 साल के वृद्ध की बीके अस्पताल की इमरजेंसी में रात भर उपचार नहीं मिलने की वजह से हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टर ने आनन फानन में रेफर कर दिया। मरीज को बुधवार की रात को भर्ती करवाया गया था।
गांव असावटी निवासी रोशन ने बताया कि उन्होंने बुधवार की रात को पिता राजवीर ठाकुर को सांस लेने में दिक्कत होने पर बीके अस्पताल की इमरजेंसी में करवाया गया। चिकित्सक ने ऑक्सीजन लेवल कम होने की बात कहकर भर्ती करने को कहा। बृहस्पतिवार की सुबह राउंड पर आए चिकित्सक ने उनकी जांच लिख दी। जिस पर परिजनों ने जांच करवा ली, लेकिन रिपोर्ट न आने पर वह भर्ती रहे। रात को खांसी अधिक होने पर उन्हें सांस लेने में दिक्कत और दर्द होने लगा। तो उन्होंने स्टाफ को इंजेक्शन और ऑक्सीजन के लिए बोल दिया। स्टाफ इंजेक्शन भरकर लेकर आया और साथ ही ग्लूकोज लेकर आए। लेकिन उनको इंजेक्शन व ग्लूकोज लगाने की बजाए टेबल पर रखकर चला गया।
रोशन ने बताया कि उन्होंने पूरी रात स्टाफ को ढूंढा लेकिन कोई नहीं आया। जिस कारण उसके पिता की रात में हालत काफी बिगड़ गई। सुबह इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर को उपचार नहीं देने वाली बात बताई तो उसने आनन फानन में मरीज को हालत बिगड़ने का बहाना बनाते हुए रेफर कर दिया। आरएमओ डॉ. विजय कोहली को इस घटना के बारे में बताया तो इंजेक्शन सुबह तक टेबल पर ही पड़ा हुआ था। वहीं पीएमओ डॉ. सविता यादव का कहना है कि इस घटना के बारे में मैट्रन को अवगत करा दिया है। वह संबंधित स्टाफ से जवाब मांगेंगे।