शहर के पूर्वी और पश्चिमी हिस्से की कनेक्टिविटी पर खर्च होंगे 1500 करोड़, पूर्व में मिल चुकी है सैद्धांतिक सहमति
बाटा पुल पर कनेक्टिविटी देने के लिए एलाइनमेंट में है थोड़ा संशोधन, सीएम की हरी झंडी के बाद मांगी जाएगी निविदा
यह परियोजना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को भी कनेक्ट करेगी
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। शहर को भीषण जाम से मुक्ति दिलाने और पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने के लिए नवंबर माह से बहुप्रतिक्षित अंतर-शहर संपर्क (ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी) परियोजना परवान चढ़ने जा रही है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने 1500 करोड़ की इस परियोजना की तैयारी पूरी कर ली है। पश्चिमी हिस्से में बाटा पर प्रस्तावित अंडरपास में एलाइमेंट में हल्के बदलाव के बाद नए सिरे से बनी डीपीआर को मंजूरी के लिए सीएम को भेजा जा रहा है। सरकार गठित होने के तुरंत बाद इसे हरी झंडी मिलने की संभावना है। निविदा प्रक्रिया के बाद नवंबर से इसका कार्य शुरू होने की संभावना है। कार्य शुरू होने के करीब साढ़े तीन वर्ष में प्रोजेक्ट पूरा होना है।
शहर को वर्तमान में रेलवे ट्रैक और शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र में विभाजित किया गया है। बढ़ती आबादी के बीच पश्चिमी क्षेत्र से पूर्वी क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक पार करने में शहरवासियों को भीषण जाम से जूझना पड़ता है। परियोजना के अंतर्गत अजरौंदा से नीलम चौक और बाटा रोड पर सिग्नल-फ्री यात्रा के लिए एलिवेटेड और अंडरपास बनने हैं। यह परियोजना दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को भी कनेक्ट करेगी। चुनाव से ठीक पहले सैनी सरकार ने बजट में परियोजना के लिए 1500 करोड़ का बजट पास किया था।
फरीदाबाद की ईस्ट से वेस्ट कनेक्टिविटी को लेकर दो परियोजनाओं को मुख्यमंत्री की मंजूरी मिल गई है। परियोजना से फरीदाबाद के लोगों को जाम से निजात मिलेगी। योजना के लिए डीपीआर 2023 में पीडब्ल्यूडी की ओर से नियुक्त एक सलाहकार एजेंसी ने तैयार की थी। बड़खल और बाटा वाले रूट की ड्राइंग लगभग फाइनल हो चुकी है। 10 किलोमीटर की इस परियोजना के तहत दो चरणों में कार्य होना है। पहले चरण में बड़खल से होते हुए अजरौंदा से एनआईटी-1, 2,3,4 और 5 को जोड़ा जाना है। इसपर करीब 848 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बाटा रोड पर कनेक्टिविटी के लिए 652 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य सरकार ने दिसंबर 2023 में परियोजना को एफएमडीए को विस्तृत अध्ययन करने के लिए सौंपा था। एफएमडीए ने परियोजना की डीपीआर का विस्तृत अध्ययन किया है। अध्ययन के बाद बाटा की ओर से थोड़ा एलाइनमेंट बदला गया है। इसे मंजूरी के लिए नई सरकार के गठन पर सीएम के पास भेजा जाएगा। यहां से स्वीकृति के बाद निविदा की प्रक्रिया शुरू होगी।
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ओवरब्रिज और अंडरपास के लिए रेलवे से लेनी होगी सहमित
परियोजना में दोनों ओर दो मुख्य इंटरचेंज के अलावा कई स्थानों पर प्रवेश और निकास बिंदुओं का निर्माण किया जाना है। बड़खल पर रेलवे ओवरब्रिज पर ओवरब्रिज और बाटा रोड पर अंडरपास बनना है। डीपीआर में एनएचएआई और रेलवे की सहमति भी लेनी पड़ेगी।
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फ्लाईओवर और अंडरपास बनेंगे
फरीदाबाद से वेस्ट बड़खल रूट पर पांच फ्लाईओवर, 5 यू-टर्न और अनखीर चौक (सूरजकुंड की तरफ से) पर एक कनेक्टिंग फ्लाईओवर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ एप्रोच रोड, सर्विस रोड और ड्रेनेज सुविधाओं को भी पूरा किया जाएगा। इस पर लगभग 848 करोड़ की लागत आएगी। दूसरी तरफ, ईस्ट फरीदाबाद से वेस्ट फरीदाबाद (बाटा रूट) के प्रोजेक्ट पर भी लगभग 682 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 4 फ्लाईओवर, 3 यू-टर्न, एक अंडरपास, और मस्जिद चौक पर मुल्ला होटल की ओर एक कनेक्टिंग फ्लाईओवर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ, एप्रोच रोड, सर्विस रोड और ड्रेनेज सुविधाओं को भी पूरा किया जाएगा।
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तीन स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा निर्माण
ईस्ट वेस्ट प्रोजेक्ट के लिए एफएमडीए के अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण भी इसका निर्माण करेगा। परियोजना के अंतर्गत एनएचएआई बाटा में अंडरपास समेत एनएच को पार करते समय फ्लाईओवर का तीन स्थानों पर निर्माण कराएगा।
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बाटा की ओर से कनेक्टिविटी की डीपीआर सप्ताह भर में होगी फाइनल
बड़खल और बाटा रोड पर ईस्ट-वेस्ट प्रोजेक्ट की डीपीआर का विस्तृत अध्ययन किया जा चुका है। बाटा रोड पर बनने वाले अंडरपास की एलाइनमेंट में थोड़ा फेरबदल है। इसे मंजूरी के लिए सीएम के पास भेजा जा रहा है। वहां से मंजूरी के बाद अनुमान है कि नवंबर में निविदा प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। -रमेश बागड़ी, अधीक्षण अभियंता एफएमडीए