फरीदाबाद। फिल्म सूर्या-आरंभ से अंत तक को लेकर डॉक्टरों में नाराजगी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) फरीदाबाद ने फिल्म के माध्यम से चिकित्सा जगत की छवि खराब किए जाने पर आपत्ति जताई है। संगठन ने केंद्र सरकार से फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने और सेंसर बोर्ड से इसकी समीक्षा कर आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की है। आईएमए ने चेतावनी दी है कि मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा। आईएमए फरीदाबाद के प्रधान डॉ. राजीव कुमार गुंबर और मीडिया मैनेजर डॉ. सुरेश अरोड़ा ने कहा कि अधिकांश डॉक्टर कठिन प्रशिक्षण और वर्षों की पढ़ाई के बाद मरीजों का इलाज करते हैं। एक डॉक्टर को अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी करने में 10 से 12 वर्ष तक लग जाते हैं। आईएमए पदाधिकारियों ने आशंका जताई कि फिल्म में दिखाई गई बातों का आम जनता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। संवाद