ऑटो में प्रसव होने पर नवजात की मौत, लापरवाही का आरोप
एफआरयू के कर्मचारियों ने बाद में डिलीवरी होने की बात कर महिला को वापस भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-30 स्थित प्रथम रेफरल यूनिट (एफआरयू) के कर्मचारियों की लापरवाही से ऑटो में प्रसव होने से नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एफआरयू के कर्मचारियों ने बाद में डिलीवरी होने की बात कर महिला को वापस भेज दिया था, जबकि रास्ते में ऑटो में बच्चा हो गया। परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर को इस बारे में शिकायत दी है।
भारत कॉलोनी नहर निवासी सचिन ने बताया कि पत्नी अनीता का छह माह से एफआरयू से उपचार चल रहा है। शनिवार सुबह छह बजे दर्द होने पर उसे एफआरयू लेकर आ गया। यहां जांच करने के बाद स्टाफ ने बताया कि अभी प्रसव का समय नहीं हुआ है। इस पर पत्नी को वापस ऑटो में लेकर आने लगे। ऑटो में पत्नी को ज्यादा दर्द होने लगा तो निजी अस्पताल लेकर जाने लगा। इस दौरान रास्ते में ऑटो में ही डिलीवर हो गई। निजी अस्पताल पहुंचने से पहले नवजात की मौत हो गई। पत्नी को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया।
सचिन ने बताया कि अनीता का उपचार स्वास्थ्य केंद्र पर समय रहते हो जाता तो उनके बच्चे की मौत नहीं होती। केंद्र के स्टाफ की लापरवाही की शिकायत दे दी है। अनीता को पहले दो बार गर्भपात हो चुका है। यह उसका तीसरा बच्चा था, जो कि पूरे नौ महीने सुरक्षित रहा लेकिन केंद्र की लापरवाही के कारण इसे भी खो दिया।
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शिकायत के आधार पर स्टाफ के खिलाफ कमेटी का गठन करके जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। - डॉ. रीता, एफआरयू-एक